भरतपुर
भरतपुर (Bharatpur) में गणमान्य लोगों की शनिवार को हुई बैठक में भरतपुर जिले की पानी की समस्या को उठाया गया और सरकार से मांग की गई कि जिले की सूखी नदियों में पानी लाने की व्यवस्था की जाए। बैठक में पांचना बांध (Panchana dam) के पानी का भी बंटवारा भी करने की मांग की गई। इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एक ही जाजम पर बैठे और जिले की पानी की समस्या का समाधान कराने पर जोर दिया। इस मामले को लेकर एक कमेटी का गठन करने और सीएम भजनलाल शर्मा को ज्ञापन देने का फैसला भी किया गया।
भरतपुर की खण्डेलवाल धर्मशाला में हुई इस बैठक के मुख्य वक्ता पूर्व सांसद पंडित रामकिशन (Pandit Ramkishan) थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पांचना के पानी में भरतपुर का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बांध की ऊंचाई बढ़ाकर हमारे हिस्से के पानी को गैरकानूनी तरीके से कम कर दिया गया। उन्होंने कहा कि पांचना बांध बाढ़ रोकने के लिये बनाया गया था। लेकिन जरूरत के समय पिछले लगभग 40 साल में बांध से कभी गम्भीर नदी के द्वारा भरतपुर जिले के किसानों एवं केवलादेव नेशनल पार्क को कभी पानी नहीं दिया गया जिसकी बजह से घना अपना स्वरूप खोता जा रहा है और घने से जुड़े हजारों परिवारों का रोजगार प्रभावित हो रहा है। दूसरी तरफ किसान पानी के लिये परेशान रहते हैं।
वैर के भाजपा विधायक बहादुर सिंह कोली (MLA Bahadur Singh Koli) ने कहा कि पांचना से पानी तब छोड़ा जाता है जब पानी की जरूरत नहीं होती है और उस बाढ़ से जिले में भारी जनधन का नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि जिले की प्रमुख नदियों बाणगंगा और रुपारेल कई दशकों से सूखी पड़ी है। उनमें भी प्रथम चरण के तहत इआरसीपी के द्वारा पानी पहुंचाया जाना चाहिये। विधायक ने कहा कि मैं पानी के मुद्दे की मुख्यमंत्री और सरकार से बात करूंगा और जरूरत पड़ेगी तो विधानसभा में भी मामले को उठाएंगे। उन्होंने इआरसीपी को बनाने और राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने के लिये वसुंधरा राजे और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को भी धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष भरतपुर राजपरिवार के काका रघुराज सिंह ने मुख्यमंत्री से मिलने का सुझाव दिया और उम्मीद जाहिर की कि मुख्यमंत्री जरूर भरतपुर जिले के हित में फैसला लेंगे। उन्होंने जिले में पानी का गम्भीर संकट रहने के कारण भरतपुर और डीग जिले में दो तीन और अतिरिक्त बांधों का निर्माण होना जरूरी बताया और कहा कि इससे बरसाती पानी का भी सदुपयोग हो सकेगा।
बैठक में समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीता राम गुप्ता ने भरतपुर जिले को पर्यटन जिला और सरसों उत्पादक जिला घोषित करने की मांग रखी। उन्होंने बाढ़ में डूब कर जान गंवाने वाले लोगों परिजनों को जन सहयोग से आर्थिक मददव करने की बात कही। कार्यक्रम में रूपवास के पूर्व प्रधान सालिगराम शर्मा नें कहा कि पूरे जिले का अनूठा सिंचाई सिस्टम टूटा और जर्जर पड़ा हुआ है। उसके रखरखाव और मरम्मत के लिये भी सरकार को धनराशि आवंटित करनी चाहिये।
सभी वक्ताओं ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के हुए समझौते को ओपन करने की जरूर बताई। किसान नेता इन्दल सिंह जाट ने कहा कि पांचना के पानी का बंटवारा करने के साथ-साथ सूखी पड़ी बाणगंगा नदी को भी पांचना बांध से जोड़ा जाना चाहिये ताकि जहां एक तरफ बाढ़ का खतरा समाप्त हो जायेगा; वहीं बाणगंगा नदी से बड़ी संख्या में जुड़े किसानों को भी सिंचाई पानी का लाभ मिल सकेगा। किसानों ने कहा कि अधिक वर्षा और गम्भीर नदी में ज्यादा पानी आने तथा उत्तर प्रदेश और हरियाणा से भी समीपवर्ती गांवों में पानी आने से भरतपुर और डीग जिलों में खरीफ की अधिकांश फसल बर्बाद हो चुकी है जिसकी वजह से चारे और अनाज का संकट पैदा हो जायेगा। सभी लोगों ने राज्य सरकार से गिरदावरी कराकर किसानों को शीघ्र मुआवजा देने का आग्रह किया। बैठक के अंत में सर्वसम्मति से एक कमेटी गठित करने का भी निर्णय लिया गया। बैठक के अंत में देश के प्रमुख मार्क्सवादी नेता सीताराम येचुरी के निधन पर दो मिनट का मौन रख कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस बैठक में भाजपा नेता गिरधारी तिवाड़ी, लोकदल जिला अध्यक्ष संतोष फौजदार, जाट महासभा के जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुंतल, कांग्रेस के साहब सिंह एडवोकेट, शहर कांग्रेस अध्यक्ष दया चन्द पचौरी, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष राजाराम भूतौली, गंगाराम पाराशर, ब्राह्मण समाज के डा. लोकेश शर्मा, कौशलेश शर्मा, ताराचंद शर्मा, आलोक शर्मा, दौलत सिंह फौजदार, शेर सिंह उप प्रधान, मजदूर संघ के सुधीर चौधरी, गांधी देव एडवोकेट, हरभान सिंह परमार दौरदा, रामदयाल भ्राता, दिलीप एडवोकेट, सुरेश पाल सरपंच सुनारी, सतीश मीणा पीपरी, राजेन्द्र त्यौगा, राजपाल पुनिया, यदुनाथ दारापुरिया, ईश्वर सिंह बछामदी, जीवन लाल शर्मा, केदार नाथ पाराशर, जालिम सिंह सरपंच बंध बारैठा, मोहन सिंह सरपंच तरिकमा, जगदीश वैद्य, रिक्शा यूनियन के प्रीतम सिंह, महावीर खोखर, श्रीमती सोनम भटनागर, तेज प्रकाश पूर्व सरपंच, पार्षद जगदीश, जगराम धाकड़, श्रीराम चंदेला, मानसिंह पटैल बंगसपुरा, निहाल सिंह सिंघाड़ा, अमित गौरावर, शिवराम पटैल सरपंच अघापुर, हेतराम मुदगल हलैना, पंडित राजदेब डहरा सहित अनेक प्रबुद्धजनों ने अपने विचार रखे। बैठक का संचालन किसान नेता और पूर्व जिला पार्षद इन्दल सिंह जाट ने किया।
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