नई हवा ब्यूरो | जयपुर
राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को लेकर भाजपा के राजस्थान प्रदेश के वरिष्ठ नेता और अलवर के पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा का एक बड़ा बयान सामने आया है। आहूजा ने कहा है कि वसुंधरा राजे को अब राजस्थान छोड़ देना चाहिए। उनको अब केंद्र में चले जाना चाहिए।
आहूजा बारां में जनसंख्या समाधान फाउंडेशन की जिला बैठक में प्रदेश संरक्षक के रूप में भाग लेने पहुंचे थे। आहूजा ने इस दौरान अपना यह बयान पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। आहूजा ने कहा कि प्रदेश में भाजपा किसके नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी, यह संसदीय बोर्ड तय करेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे दो बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। इसलिए अब उनको केंद्र में जाना चाहिए और केंद्रीय मंत्री बनना चाहिए।
आहूजा ने कहा कि अब राजे को अपनी मर्जी से प्रदेश छोड़कर केन्द्र में चले जाना चाहिए और प्रदेश में दूसरे लोगों को चांस देना चाहिए। केंद्र में उन्हें मंत्री बनना चाहिए। और राष्ट्रीय नेतृत्व में उन्हें काम करना चाहिए।
आहूजा का यह बयान वसुंधरा खेमे में खलबली मचाने वाला साबित हो सकता है। साथ ही राजस्थान बीजेपी में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सीएम चेहरे को लेकर चल रही चर्चाएं और तेज होने की अटकलें हैं।
हासिए पर हैं वसुंधरा राजे
प्रदेश भाजपा की राजनीति में पूर्व मुख़्यमंत्री वसुंधरा राजे हासिए पर हैं। पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व भी उनको ज्यादा तरजीह नहीं दे रहा है। उनके सांसद पुत्र को भरसक कोशिशों के बाद भी केंद्रीय मंत्रीमंडल में जगह नहीं मिली। इस कारण वसुंधरा राजे खेमा पिछले कई महीनों से प्रेशर पॉलिटिक्स की राजनीति कर रहा है। राजे खेमे के नेता और पूर्व मंत्री डा. रोहिताश्व शर्मा कई मौकों पर राजे के समर्थन में और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में अपने बयान दे चुके हैं। पार्टी उनके खिलाफ एक्शन ले चुकी है। सूत्रों के अनुसार भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व भी अपनी नाराजगी से वसुंधरा राजे को अवगत करा चुका है। राष्ट्रीय नेतृत्व ने प्रदेश इकाई को भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने को फ्रीहैंड कर दिया है। डा. रोहिताश्व शर्मा के खिलाफ एक्शन उसी कड़ी का हिस्सा है।
राष्ट्रीय नेतृत्व चाहता है कि राजे अब राजस्थान की राजनीति से बाहर निकलें
भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व चाहता है कि वसुंधरा राजे राजस्थान की राजनीति से बाहर आएं। राजस्थान की राजनीति से बाहर लाने के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व ने वसुंधरा राजे को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी बनाया। पर इस रूप में राजे की कोई भूमिका अभी तक सामने नहीं आई। क्योंकि वसुंधरा राजे राजस्थान का मोह नहीं छोड़ पा रही हैं।
सीएम पद के लिए कई नेता हो चुके तैयार
एक समय था जब राजस्थान भाजपा में भैरोंसिंह शेखावत और वसुंधरा राजे के आलावा कोई बड़ा नेता प्रदेश स्तर पर उभर नहीं पाया था। और अब राजस्थान की राजनीति के लिए भाजपा की पहली, दूसरी और तीसरी ही नहीं चौथी पीढ़ी भी तैयार हो चुकी है। गजेंद्र सिंह शेखावत, सतीश पूनिया, राजेंद्र राठौर, दीया कुमारी, राज्यवर्धन सिंह राठौर लीडरशिप देने को तैयार खड़े हैं। यही वजह है कि वसुंधरा राजे को अपना स्थान बनाए रखने के लिए बहुत पसीना बहाना पड़ रहा है।
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सुनील बंसल-भूपेंद्र यादव भी तैयार
कहने को तो सुनील बंसल और भूपेंद्र यादव राजस्थान की राजनीति से बाहर काम कर रहे हैं। लेकिन सूत्र बताते हैं कि राजस्थान में भाजपा का विवाद नहीं सुलझा तो राज्यसभा सदस्य भूपेंद्र यादव और उत्तरप्रदेश के संगठन मंत्री सुनील बंसल को प्रदेश की राजनीति में हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर और महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस की तरह प्रोजेक्ट किया जा सकता है।
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