भरतपुर में बीडीए की राजस्थान लैण्ड पुलिंग स्कीम के विरोध में किसानों ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है। रामपुरा और नगला झीलरा में पंचायत कर महा रैली निकालने का फैसला लिया गया।
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भरतपुर
भरतपुर विकास प्राधिकरण (BDA) की राजस्थान लैण्ड पुलिंग स्कीम के विरोध में अब गांव-गांव से आवाज उठने लगी है। स्कीम से प्रभावित किसानों ने अलग-अलग गांवों में पंचायतें कर सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने का फैसला लिया है। किसानों ने सर्वसम्मति से तय किया कि जल्द ही एक विशाल महा रैली निकालकर राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
आंदोलन की शुरुआत गांव रामपुरा से हुई, जहां ‘लैण्ड पुलिंग स्कीम विरोधी किसान मोर्चा’ के बैनर का विमोचन कर संघर्ष का बिगुल फूंका गया। पंचायत की अध्यक्षता सरपंच दौलत सिंह ने की।
सभा को संबोधित करते हुए शंकर सिंह ने कहा कि राजस्थान लैण्ड पुलिंग स्कीम के तहत किसानों की जमीन लेने से उन्हें भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि खेती ही किसानों के जीवन और परिवार का आधार है, ऐसे में जमीन छिनने का मतलब उनकी रोजी-रोटी खत्म होना है। पंचायत में मौजूद किसानों ने हाथ उठाकर आंदोलन को तन, मन और धन से समर्थन देने का ऐलान किया।
इसी दिन नगला झीलरा गांव में भी किसानों की पंचायत आयोजित हुई, जहां ग्रामीणों ने बीडीए की लैण्ड पुलिंग स्कीम का खुलकर विरोध किया। किसानों ने संघर्ष समिति मोर्चा के साथ मजबूती से खड़े रहने और आंदोलन को तेज करने का भरोसा दिया।
नगला झीलरा के किसान रामदयाल ने कहा कि ‘लैण्ड पुलिंग स्कीम लागू हुई तो हमारे परिवारों के सामने भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। यहां ज्यादातर किसानों के पास छोटी-छोटी जमीनें हैं, जिनसे परिवार का पालन-पोषण होता है। हमारी कृषि भूमि लेने का बीडीए को कोई अधिकार नहीं है। अपनी जमीन बचाने के लिए हम हर संघर्ष को तैयार हैं।’
किसानों का कहना है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।
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