पलवल (Palwal) में पीएनबी (PNB) के सीनियर मैनेजर पर 2.69 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप। फर्जी कस्टमर आईडी, बोगस खाते और नकली फर्मों के जरिए वर्षों तक चला खेल, पुलिस जांच जारी।
पलवल
बैंक की तिजोरी की रखवाली करने वाला ही अगर सेंधमार बन जाए, तो घोटाला किस कदर गहरा होगा—इसका जिंदा उदाहरण पलवल में सामने आया है। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) का सीनियर ब्रांच मैनेजर रहते हुए अभिषेक गर्ग ने भरोसे, सिस्टम और नियमों—तीनों को ठेंगा दिखाकर करीब 2.69 करोड़ रुपये का सुनियोजित गबन कर डाला। फर्जी कस्टमर आईडी, बोगस खाते और कागजों पर खड़ी की गई नकली फर्मों के सहारे वर्षों तक खेल चलता रहा—और भनक तब लगी, जब बैंक की अंदरूनी जांच ने परत-दर-परत साजिश उधेड़ दी।
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पलवल के धतीर थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के लक्ष्मीपुरम निवासी अभिषेक गर्ग ने वर्ष 2018 से 2021 के बीच पीएनबी की धतीर (पलवल), सेक्टर-17 फरीदाबाद और मानव रचना फरीदाबाद शाखाओं में सीनियर मैनेजर रहते हुए घोटाले को अंजाम दिया।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने 15 फर्जी कस्टमर आईडी तैयार कीं, फर्जी नामों और नकली आधार कार्डों के सहारे बोगस खाते खोले और उन्हीं के आधार पर लोन पास कराए।
लोन जिन नामों पर दिखाए गए, वे या तो अस्तित्व में ही नहीं थे या कागजों पर गढ़े गए थे—जिनमें जसवीर सिंह, मनोज त्यागी, अनीता सिंह, संगीता, नरेश कुमार जैसे नामों के साथ-साथ आरबी ट्रेडर्स और त्यागी ट्रेडर्स जैसी फर्जी फर्में भी शामिल रहीं। लोन की रकम पहले परिचितों और रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर हुई और फिर खुद आरोपी ने निकाल ली। चार साल में इस तरह 2.69 करोड़ रुपये बैंक से बाहर कर दिए गए।
आंतरिक जांच में खुला राज, नौकरी से बर्खास्तगी
इस घोटाले का खुलासा मार्च 2023 में पीएनबी की आंतरिक जांच में हुआ। विस्तृत जांच रिपोर्ट 2 सितंबर 2025 को पेश की गई, जिसमें अभिषेक गर्ग को दोषी पाया गया। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने अगस्त 2025 में उसे पद से बर्खास्त कर सेवाएं समाप्त कर दीं।
पुलिस एक्शन मोड में
वर्तमान धतीर शाखा प्रबंधक डीगराम दहिया और पीएनबी के सर्कल कार्यालय, गुरुग्राम की शिकायत पर थाना गदपुरी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, रिकॉर्ड में हेराफेरी और आपराधिक विश्वासघात की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
थाना प्रभारी अश्विनी के अनुसार, पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। फिलहाल बैंक जांच में अभिषेक गर्ग की संलिप्तता ही सामने आई है, लेकिन यदि जांच में किसी और की भूमिका उजागर होती है, तो कार्रवाई तय है।
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