NEET-UG 2026 रद्दीकरण पर बवाल तेज | ‘पेपर लीक माफिया पर सर्जिकल एक्शन जरूरी’ — DMA India ने खोला मोर्चा

NEET-UG 2026 रद्द होने के बाद DMA India ने पेपर लीक मामले पर सख्त रुख अपनाया है। संगठन ने इसे राष्ट्रीय शिक्षा घोटाला बताते हुए CBI जांच और पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई की मांग की है।

नई दिल्ली 

नई दिल्ली में NEET-UG 2026 को रद्द किए जाने के फैसले पर जहां एक तरफ सरकार के कदम को राहत के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पेपर लीक को लेकर उठे नए खुलासों ने पूरे सिस्टम को हिला दिया है। डेमोक्रेटिक मेडिकल एसोसिएशन (DMA India) ने फैसले का स्वागत करते हुए भी इस पूरे मामले को ‘राष्ट्रीय शिक्षा घोटाला’ करार दिया है।

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राजस्थान पुलिस SOG की शुरुआती रिपोर्टों ने संकेत दिए हैं कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा एक संगठित पेपर लीक नेटवर्क के प्रभाव में आ चुकी थी। कोचिंग माफिया, बिचौलियों, काउंसलिंग एजेंट्स और कथित गिरोहों के जरिए पेपर सामग्री लाखों रुपये में बेचे जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं।

‘सिर्फ परीक्षा रद्द करना समाधान नहीं’ 

DMA India के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अमित व्यास ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सिर्फ परीक्षा रद्द कर देना इस घोटाले का हल नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक पूरे नेटवर्क, लाभार्थियों और शामिल लोगों पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ईमानदार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ जारी रहेगा। उनका कहना है कि हर बार माफिया बच निकलते हैं और नुकसान मेहनती छात्रों को उठाना पड़ता है।

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‘मेरिट सिस्टम पर सीधा हमला’ — संगठन का बड़ा आरोप

DMA के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. शुभ प्रताप सोलंकी ने इस पूरे प्रकरण को सिर्फ परीक्षा घोटाला नहीं बल्कि देश की मेरिट व्यवस्था पर सीधा हमला बताया। उनके मुताबिक, एक तरफ छात्र दिन-रात मेहनत करते हैं, वहीं दूसरी तरफ संगठित गिरोह पैसे के दम पर परीक्षा प्रणाली को कमजोर कर रहे हैं।

‘विश्वास टूटेगा अगर कार्रवाई नहीं हुई’— कोर सदस्य की चेतावनी

झारखंड कोर मेंबर डॉ. कुमारी रेशु रोली ने कहा कि अगर इस मामले में समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो छात्रों का राष्ट्रीय संस्थानों पर से भरोसा पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

DMA India की 4 बड़ी मांगें

संगठन ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय से साफ मांग रखी है—

  • घोटाले में शामिल सभी लोगों की तुरंत गिरफ्तारी, चाहे उनका प्रभाव कितना भी बड़ा क्यों न हो
  • CBI के माध्यम से समयबद्ध राष्ट्रव्यापी जांच
  • डिजिटल सबूतों, नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की फॉरेंसिक जांच
  • जांच की अहम जानकारियों को सार्वजनिक कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए

DMA India ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि इस मामले को सामान्य विवाद की तरह देखना अब संभव नहीं है। संगठन ने साफ कहा कि अगर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो यह भ्रष्ट नेटवर्क और मजबूत होगा और लाखों छात्रों का भरोसा टूट जाएगा।

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