शिमला
हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग में अब शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारियों को मनचाही जगह पर आसानी से तबादला नहीं मिल सकेगा। राज्य सरकार ने तबादला प्रक्रिया में नए नियम लागू करते हुए स्पष्ट किया है कि अब किसी भी कर्मचारी का तबादला प्रस्ताव तैयार करने से पहले उसकी पिछली तीन पोस्टिंग का पूरा रिकॉर्ड देखा जाएगा।
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कार्मिक विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बाद सोमवार को स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों और उपनिदेशालयों को आदेश जारी किए हैं। साथ ही एक अनिवार्य प्रोफार्मा भी भेजा गया है, जिसे तबादला प्रस्ताव के साथ भरना आवश्यक होगा।
आदेश के अनुसार, संबंधित अधिकारी या विभाग जब भी तबादला प्रस्ताव भेजेगा, तो उसे पहले इस प्रोफार्मा में कर्मचारी की सेवा अवधि, तैनाती स्थान, पिछली पोस्टिंग की अवधि और यदि पहले म्यूचुअल या रोटेशन के आधार पर ट्रांसफर हुए हों, उसकी जानकारी देनी होगी। इसके बाद ही सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदन लिया जा सकेगा।
सरकार ने यह बदलाव तबादला प्रक्रिया में पारदर्शिता और रोक-टोक कम करने के उद्देश्य से किया है। निर्देश में यह भी कहा गया है कि आदेशों का उल्लंघन करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सबसे ज्यादा असर शिक्षा विभाग में पड़ेगा, जहां म्यूचुअल तबादले और एक-दूसरे स्कूलों में बार-बार ट्रांसफर की प्रवृत्ति काफी बढ़ गई थी। अब विभाग हर तबादला प्रस्ताव में यह देखेगा कि कर्मचारी कितने समय कहाँ रहा और क्या वाकई तबादले की आवश्यकता है।
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