होटल की खिड़कियों से छलांगें, नीचे बिछे गद्दे… और फिर चीखों का सन्नाटा | दिल्ली के होटल में भीषण अग्निकांड, 21 की मौत

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल-रेस्टोरेंट में भीषण आग लगने से करीब 21  लोगों की मौत हो गई। मौत का आंकड़ा और बढ़ सकता है। बाहर निकलने का रास्ता बंद होने पर लोगों ने बालकनी और खिड़कियों से छलांग लगाकर जान बचाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि इस रेस्टोरेंट होटल में विदेशी नागरिक भी रुक हुए थे, उनकी भी मौत हो गई है।

‘नई हवा’ की खबरों से जुड़ने के लिए हमारे WhatsApp Channel को follow करें ।

नई दिल्ली 

सुबह का वक्त था। मालवीय नगर की गलियों में रोज की तरह चहल-पहल शुरू ही हुई थी कि अचानक एक बहुमंजिला इमारत से उठते काले धुएं ने पूरे इलाके को दहला दिया। कुछ ही मिनटों में होटल और रेस्टोरेंट के अंदर फंसे लोगों की चीखें बाहर तक सुनाई देने लगीं।

जिस इमारत में नीचे रेस्टोरेंट और ऊपर ठहरने की व्यवस्था थी, वह देखते ही देखते आग के विशाल फंदे में बदल गई। धुआं इतना घना था कि लोगों को सांस लेना मुश्किल हो गया। बाहर निकलने का रास्ता बंद हुआ तो कई लोगों ने मौत और छलांग के बीच छलांग को चुना।

अपना हाथ जगन्नाथ …

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक खिड़कियों और बालकनियों से लोग मदद के लिए हाथ हिला रहे थे। नीचे खड़े स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में गद्दे और कंबल बिछाने शुरू कर दिए ताकि ऊपर से कूदने वालों की जान बचाई जा सके। लेकिन हर किसी की किस्मत इतनी मेहरबान नहीं थी।

बुधवार सुबह करीब 9 बजे दमकल विभाग को आग लगने की सूचना मिली। इसके बाद फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ ही देर में पूरा इलाका धुएं की चादर में ढक गया।

दमकल कर्मियों ने बेसमेंट सहित पूरी इमारत में फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान चलाया। करीब 37 लोगों को रेस्क्यू किया गया, जिनमें कई गंभीर रूप से झुलसे हुए थे। बेसमेंट में फंसे तीन लोगों को भी बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।

हादसे में अब तक करीब 20 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जबकि कई घायल अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि इमारत में कुछ विदेशी नागरिक भी ठहरे हुए थे।

सबसे भयावह तथ्य यह सामने आया कि आग फैलने के बाद बाहर निकलने के रास्ते लगभग बंद हो गए थे। एसडीएम के अनुसार इसी वजह से लोगों को खिड़कियों और बालकनियों से नीचे कूदना पड़ा।

आग कैसे लगी, इसका अभी आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट या रसोई क्षेत्र में गैस लीकेज की जताई जा रही है। पुलिस, फायर विभाग और प्रशासनिक टीमें मौके पर जांच में जुटी हैं।

इस हादसे के बाद प्रशासन ने रिहायशी इलाकों में संचालित होटल और रेस्टोरेंट्स की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। एमसीडी से ऐसे प्रतिष्ठानों की जानकारी मांगी गई है और अब उनके लाइसेंस तथा सुरक्षा मानकों की जांच की तैयारी की जा रही है।

मालवीय नगर की यह सुबह सिर्फ आग की नहीं थी, बल्कि उन चीखों की थी जो धुएं में घुल गईं, उन परिवारों की थी जिनके अपने लौटकर घर नहीं आए, और उन लोगों की थी जिन्होंने जान बचाने के लिए आसमान से जमीन तक की खौफनाक छलांग लगाई।
खबर अपडेट हो रही है , पेज को रिफ्रेश करते रहें… 

रेलकर्मियों के लिए बड़ा बदलाव, अब पास बनवाने के लिए नहीं लगाने होंगे दफ्तरों के चक्कर | रेलवे बोर्ड ने खत्म की पुरानी व्यवस्था

‘63% DA की आहट या सिर्फ आंकड़ों का खेल?’ | CPI-IW के नए डेटा ने बढ़ाई उम्मीदें, जुलाई 2026 में केंद्रीय कर्मचारियों को मिल सकता है बड़ा तोहफा

अब शिकायत लिखनी नहीं पड़ेगी… बस बोलिए | ‘समाधान दीदी’ से मातृभाषा में दर्ज होगी सरकारी शिकायत, सिस्टम में AI की नई क्रांति

‘एक बटन और पूरा खाता लॉक’ | RBI ला रहा ‘किल स्विच’—डिजिटल पेमेंट फ्रॉड पर लगेगा डिजिटल ताला

डीजल नहीं, पानी छोड़कर दौड़ेगी ट्रेन | भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को मिली हरी झंडी, दुनिया के चुनिंदा देशों की कतार में पहुंचा देश

30 की उम्र में ही हड्डियां हो रहीं खोखली | ये आदतें चुपचाप शरीर को बना रही हैं ‘फ्रैक्चर मशीन’

‘नई हवा’ की खबरों से जुड़ने के लिए हमारे WhatsApp Channel को follow करें ।

नई हवा खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने  के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।