उत्तर प्रदेश (UP) में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा (Assistant Professor Exam) रद्द। STF जांच में पेपर लीक और अवैध लेन-देन का खुलासा, योगी सरकार का सख्त फैसला।
लखनऊ
उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा की सबसे अहम भर्तियों में से एक असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा आखिरकार रद्द कर दी गई है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने यह सख्त फैसला तब लिया, जब पेपर लीक, फर्जी प्रश्नपत्र और पैसों के अवैध लेन-देन से जुड़ा पूरा खेल STF की जांच में उजागर हो गया।
अप्रैल 2025 में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) द्वारा 16 और 17 अप्रैल को आयोजित यह परीक्षा अब इतिहास बन चुकी है। राज्य सरकार के मुताबिक, पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को परीक्षा के तुरंत बाद गड़बड़ियों की शिकायतें मिली थीं—जिनमें पेपर लीक से लेकर उम्मीदवारों से ठगी तक के आरोप शामिल थे।
गोपनीय जांच, फिर बड़ा फैसला
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद गोपनीय जांच के आदेश दिए। STF की पड़ताल में सामने आया कि एक संगठित गैंग परीक्षा से पहले ही क्वेश्चन पेपर तैयार कर बेच रहा था। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, सरकार को साफ संकेत मिल गया कि परीक्षा की निष्पक्षता से समझौता हो चुका है।
इसी आधार पर सरकार ने यह परीक्षा उम्मीदवारों के भविष्य की रक्षा और भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए रद्द कर दी।
अंदर का आदमी निकला मास्टरमाइंड
STF ने 20 अप्रैल 2025 को इस मामले में महबूब अली, वैजनाथ पाल और विनय पाल को गिरफ्तार किया था। सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह रहा कि महबूब अली आयोग के अध्यक्ष का गोपनीय सहायक था—यानी सिस्टम के भीतर बैठा व्यक्ति ही सिस्टम को बेच रहा था।
पूछताछ में महबूब अली ने कबूल किया कि उसने विभिन्न विषयों के प्रश्नपत्र परीक्षा प्रक्रिया के दौरान हासिल किए थे। STF ने उसके बयान की डेटा एनालिसिस और डिजिटल सबूतों के जरिए पुष्टि की।
इस्तीफा, केस और सिस्टम पर सवाल
जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष से इस्तीफा भी लिया गया। मामले में FIR दर्ज है और जांच एजेंसियों का मानना है कि यह सिर्फ पेपर लीक नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया को भीतर से खोखला करने की साजिश थी।
STF की रिपोर्ट में साफ कहा गया कि परीक्षा की निष्पक्षता पूरी तरह प्रभावित हुई थी। इन्हीं तथ्यों के आधार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परीक्षा रद्द करने का आदेश दिया।
अब दोबारा होगी परीक्षा
योगी आदित्यनाथ ने UPESSC को निर्देश दिए हैं कि असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा जल्द से जल्द दोबारा आयोजित की जाए—पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और सख्त निगरानी के साथ।
यह फैसला एक साफ संदेश देता है— पेपर लीक चाहे जितना अंदर तक घुसा हो, सरकार पीछे हटने वाली नहीं है।
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