इंदौर
एक सरकारी बैंक की महिला मैनेजर 12 करोड़ का घोटाला कर अपने पति के संग फरार हो गई। मामले में CBI दोनों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। दोनों की तलाश में CBI की टीम ने आरोपी महिला मैनेजर की मां और छोटी बहन के घर पहुंच गई और उनसे पूछताछ की है। परिवार का कहना है कि यदि उनको जानकारी हुई तो बता देंगे।
बैंक मैनेजर ने बैंक से गबन किए 12 करोड़ रुपए पति आशीष सलूजा के जरिए शेयर बाजार में निवेश करवाए थे। आन लाइन ट्रेडिंग सर्विस प्रोवाइडर जिरोधा के जरिए यह रुपए स्टाक मार्केट में निवेश किया गया।आशंका है कि फर्जी खातों के जरिए गबन का आंकड़ा अभी बढ़ सकता है।
स्वीटी के साथ पदस्थ रहे बैंककर्मी और अफसर भी जांच की जद में है। सूत्रों के मुताबिक सीबीआइ इस पर भी जांच कर रही है कि बगैर दस्तावेजों और सत्यापन के एक अकेली बैंक मैनेजर ने कैसे दूसरों के जमा (एफडी,सेविंग) पर ओवरड्राफ्ट स्वीकृत कर दिए और फर्जी खाते खोलकर रुपए निकाल लिए।
फर्जीवाड़े से जुड़े दस्तावेज जब्त
मामला इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र की एसबीआई खजराना ब्रांच का है। बैंक की आरोपी मैनेजर स्वीटी सुनेरिया ( sweety suneria) की अपने पति आशीष सलूजा से मिलकर 11.84 करोड़ रुपए का घोटाला करने के मामले में तलाश हो रही है। घोटाले की भनक लगने पर एजीएम मनोज चौधरी ने शिकायत की थी। जिसके बाद सीबीआई ने तत्कालीन मैनेजर स्वीटी सुनेरिया और उसके पति आशीष सलूजा के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सीबीआई आरोपितों के चार ठिकानों से फर्जीवाड़े से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। मामले में CBI ने स्वीटी की मां और छोटी बहन निशा से पूछताछ की है। परिवार का कहना है कि यदि हमें जानकारी मिलेगी, तो पहले पुलिस को बताएंगे। मामला सामने आने के बाद आरोपियों के खिलाफ CBI में केस दर्ज किया है।
फिलहाल दोनों पति-पत्नी फरार हैं। बैंक मैनेजर ने बैंक से गबन किए 12 करोड़ रुपए पति आशीष सलूजा के जरिए शेयर बाजार में निवेश करवाए थे। आन लाइन ट्रेडिंग सर्विस प्रोवाइडर जिरोधा के जरिए यह रुपए स्टाक मार्केट में निवेश किया गया।
ऐसे किया घोटाला
सीबीआई एसपी एमवी श्रुति ने बताया कि घोटाला साल 2018 से 2021 के बीच का है। स्वीटी ने खाता धाराकों की एफडी ग्यारंटी बतौर जमा कर बैंक की एक अन्य ग्राहक शमीम बानो के नाम से 77 लाख 90 हजार रुपए ऑवरड्राफ्ट (ओडी) लोन स्वीकृत कर लिया। स्वीटी ने लोन राशि ट्रांसफर करने के लिए शमीम के नाम से एक फर्जी खाता खोला था। लोन की राशि उसमे जमा कर दी। इसके बाद यह राशि पति आशीष और मां मंजूला सुनेरिया के खातों में ट्रांसफर करके निकाले लिए गए। स्वीटी यहीं तक नहीं रुकी, उसे घोटाला करने का यह तरीका आसान लगा। उसने 18 ग्राहकों के साथ फर्जीवाड़ा किया और फर्जी ओडी खातों के जरिए 11 करोड़ 84 लाख 71 हजार 217 रुपए निकाल लिए।
ऐसे खुला घोटाले का राज
जांच अधिकारी ने बताया कि बैंक के एक ग्राहक सुरेश ने 10 लाख की एफडी करवाई थी। अवधि पूरी होने पर वह बैंक गए तो बैंक अफसरों ने बताया कि उक्त एफडी शमीम बनो के ओडी लोन के लिए बतौर गारंटी गिरवी रखी है। सुरेश ने अफसरों को शिकायत की और अंदरूनी जांच शुरू हो गई। जांच करने पर पता चला सुरेश ही अकेले ग्राहक नहीं है बल्कि कईयों की एफडी और जमा रुपयों की गारंटी देकर देकर बगैर औपचारिकता, फर्जी तरीके से ओडी लोन स्वीकृत कर रुपए जारी किए गए हैं। शमीम बानो के फर्जी खाते में जमा होने वाले रुपए घुमा फिराकर आखिर में बैंक अधिकारी स्वीटी,आशीष,मंजूला के खातों मे भेज दिया जाता था।
सोशल साइट से शुरू हुई आशीष-स्वीटी की कहानी
स्वीटी सुनेरियाके पिता रमेश चंद्र सुनेरिया बड़ा गणपति इलाके के पास बड़े फूलों का कारोबार करते थे। छोटी बहन भी इंदौर में ही रहती है। स्वीटी और आशीष की पहचान सोशल साइट पर हुई थी। कुछ दिनों बाद दोनों ने शादी कर ली। उनकी शादी को करीब आठ साल हो गए। दोनों इंदौर में ही रहने लगे। आशीष शेयर मार्केट में काम करता था। वह दिल्ली का रहने वाला है। उसने स्वीटी के साथ इंदौर में रहने का फैसला किया था। स्वीटी की पहली पोस्टिंग इंदौर के पलासिया स्थित स्टेट बैंक में हुई थी। परिवार का कहना है, आशीष के बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन दोनों एक-दूसरे से प्यार करते थे। इस कारण उन्होंने पिता की मौत के बाद शादी कर दी थी। आशीष शेयर बाजार में रुपए लगाता था। इंदौर आने के बाद उसने काम जारी रखा।
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