मुंबई
हिन्दी सिनेमा के दिग्गज कलाकार दिलीप कुमार का बुधवार को 98 साल की उम्र में निधन हो गया। दिलीप कुमार लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे, मुंबई में कई बार उन्हें अस्पताल में भी भर्ती करवाया गया था। दिलीप कुमार के निधन से बॉलीवुड और देश में शोक की लहर है, कई दिग्गज उन्हें नमन कर रहे हैं। दिलीप कुमार ने करीब पांच दशक के करियर में 60 के करीब फिल्में की थीं।
दिलीप कुमार ने बुधवार सुबह 7.30 बजे मुंबई के खार हिंदुजा अस्पताल में अंतिम सांस ली। अस्पताल के डॉ. पार्कर जो उनका इलाज कर रहे थे, उन्होंने दिलीप कुमार के निधन की पुष्टि की है।दिलीप कुमार को सांस लेने में दिक्कत के चलते एक बार फिर 29 जून को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
दिलीप कुमार को पिछले एक महीने में दो बार अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। पांच जुलाई को ही दिलीप कुमार के ट्विटर हैंडल से उनकी हेल्थ पर अपडेट दिया गया था। दिलीप कुमार की पत्नी सायरा बानो द्वारा बयान में कहा गया था कि दिलीप कुमार की तबीयत में सुधार हो रहा है। वह अभी भी अस्पताल में ही हैं, आप उन्हें अपनी दुआओं में रखें। लेकिन इस हेल्थ अपडेट के दो दिन बाद ही दिलीप कुमार इस दुनिया को अलविदा कहकर चले गए।
पेशावर में हुआ था जन्म
11 दिसंबर, 1922 को ब्रिटिश इंडिया के पेशावर (अब पाकिस्तान में) में जन्मे में दिलीप कुमार का असली नाम मोहम्मद युसुफ खान था। युसुफ खान ने अपनी पढ़ाई नासिक में की थी, राज कपूर उनके बचपन में ही दोस्त बन गए थे। वहीं से दिलीप कुमार का सफर बॉलीवुड में शुरू हो गया था। करीब 22 साल की उम्र में ही दिलीप कुमार को पहली फिल्म मिल गई थी। 1944 में उन्होंने फिल्म ‘ज्वार भाटा’ में काम किया था, लेकिन उनकी इस फिल्म की अधिक चर्चा नहीं हो पाई थी। दिलीप कुमार ने करीब पांच दशक के करियर में 60 के करीब फिल्में की थीं। दिलीप कुमार ने अपने करियर में कई फिल्मों को ठुकरा दिया था, क्योंकि दिलीप कुमार का मानना था कि फिल्में कम हो लेकिन बेहतर हों। लेकिन दिलीप कुमार को मलाल भी रहा था कि वो प्यासा, दीवार में काम नहीं कर पाए थे।
सायरा बानो ने निभाया अंतिम वक्त तक साथ
दिलीप कुमार ने साल 1966 में सायरा बानो से शादी की थी, जो खुद भी एक अभिनेत्री थीं। जब दोनों की शादी हुई तब सायरा बानो, दिलीप कुमार से 22 साल छोटी थीं। दिलीप कुमार ने आसमा साहिबा से भी शादी की थी, हालांकि ये शादी सिर्फ 1983 तक चली थी। लेकिन सायरा बानो के साथ दिलीप कुमार का साथ अंतिम सांस तक बना रहा। सायरा बानो लगातार अस्पताल से दिलीप कुमार के चाहने वालों को उनकी हेल्थ का अपडेट देती रहती थीं।
दिलीप कुमार को ये मिले सम्मान
1991: पद्म भूषण
1994: दादासाहेब फाल्के
2015: पद्म विभूषण
10 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड
1954: बेस्ट एक्टर (दाग)
1956: बेस्ट एक्टर (अंदाज)
1957: बेस्ट एक्टर (देवदास)
1958: बेस्ट एक्टर (नया दौर)
1961: बेस्ट एक्टर (कोहिनूर)
1965: बेस्ट एक्टर (लीडर)
1968: बेस्ट एक्टर (राम और श्याम)
1983: बेस्ट एक्टर (शक्ति)
1994: लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
2005: स्पेशल अवार्ड
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यादगार फिल्में…
ज्वार भाटा से शुरुआत करने वाले दिलीप कुमार की यादगार फिल्मों में शहीद, मेला, नदिया के पार, बाबुल, फुटपाथ, देवदास, नया दौर, मुगल-ए-आजम, गंगा-जमुना, राम और श्याम, कर्मा रहीं। दिलीप कुमार की आखिरी फिल्म किला थी, जो 1998 में आई थी।
