भरतपुर
कच्चा परकोटा नियमन संघर्ष समिति ने परकोटे पर रहने वाले लोगों को पट्टा दिलाने के लिए राजस्थान सरकार पर प्रेशर और बढ़ा दिया है। मंगलवार को समिति के सैकड़ों लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान के मुख्यमंत्री एवं स्वायत्त शासन मंत्री, निदेशक स्थानीय निकाय विभाग जयपुर आदि को जयपुर पहुंचकर ज्ञापन दिया और मांग की कि प्रशासन शहरों के संग अभियान 2021 के तहत भरतपुर शहर के चारों ओर स्थित कच्चे परकोटे पर परंपरागत एवं सघन आबादी के रूप में बसे हुए लोगों को कब्जे की भूमि के पट्टे देने हेतु गाइड लाइन शीघ्र जारी की जाएं।
ज्ञापन में कहा गया है कि भरतपुर शहर के चारों ओर स्थित रियासत कालीन कच्चा परकोटा की गैर मुमकिन आबादी की भूमि पर अल्प आय वर्ग, मजदूर वर्ग, गरीब तबके के लगभग 2000 परिवार विगत 45-50 वर्षों से परंपरागत सघन आबादी के रूप में रहते आ रहे हैं।
ज्ञापन में बतया गया कि मिट्टी का कच्चा परकोटा मास्टर प्लान 2023 के अनुसार आवासीय उच्च घनत्व में चर्चित है। भरतपुर शहर में स्थित परकोटे सहित संपूर्ण शहर का विकास न्यास द्वारा जोनल प्लान बना कर सघन आबादी क्षेत्र घोषित कर पूर्ण प्रक्रिया कर राजस्थान राजपत्र विशेषांक 1 दिसंबर 2021 को एवं 26. 11. 2021 को जोनल डेवलपमेंट प्लान का तकनीकी अनुमोदन स्थानीय एवं राज्य स्तर से किया जा चुका है। लेकिन राज्य सरकार की ओर से पट्टे देने की कार्रवाई नगर निगम भरतपुर द्वारा प्रशासन शहरों के संग अभियान 2021 में नहीं जोड़ा गया है और सरकार द्वारा कच्चे परकोटे के पट्टे देने के संदर्भ में किसी प्रकार की कोई गाइडलाइन भी अभी तक जारी नहीं की गई है जिससे परकोटे के दो हजार परिवारों में आक्रोश व्याप्त है।
पूर्व पूर्व नेता प्रतिपक्ष इंद्रजीत भारद्वाज ने स्वायत्त शासन मंत्री एवं मुख्यमंत्री के ओएसडी को परकोटे के संदर्भ में पूरी जानकारी दी। उन्होंने अवगत कराया कि की परकोटे का सघन आबादी में नक्शा पास हो चुका है। पुरातत्व विभाग द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया जा चुका है। संघर्ष समिति पिछले 20 वर्ष से पट्टे प्राप्त करने के लिए संघर्षरत है। पट्टे प्राप्त करने के लिए नीचे से लेकर ऊपर तक कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं।
प्रतिनिधिमंडल को स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल एवं निदेशक स्थानीय निकाय विभाग ने आश्वासन दिया है कि शीघ्र ही कच्चे परकोटे के पट्टे देने के संदर्भ में गाइडलाइन जारी करने इस संदर्भ में सरकारी स्तर पर विचार किया जा रहा है जिसे अति शीघ्र जारी करा दिया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में संघर्ष समिति के संयोजक जगराम धाकड़, संयोजक श्रीराम चंदेला, यदुनाथ दारा पुरिया, भागमल वर्मा, ओम प्रकाश मिश्रा, समंदर सिंह, कैप्टन प्रताप सिंह, श्री कृष्ण कश्यप, हरि सिंह कश्यप, देवी सिंह, मानसिंह, सागर, बॉबी पहाड़िया, अनवर खान, नसीर, नरेश शर्मा, जसवंत सिंह, खान, राजकुमार, प्रवीण चौधरी, प्रहलाद गुप्ता, सुरेश शर्मा, अशोक वर्मा, मुकेश शर्मा, अमर सिंह, सागर, देवी सिंह, जसवंत सिंह, मुरारी सिंघल, जगदीश खंडेलवाल, वीरेंद्र गोटिया, बाबूलाल, चंद्रशेखर आदि सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।
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