बड़े काम का है यह एप
यदि आप मानसूनी सीजन में घर से बाहर निकलने की सोच रहे हैं तो अपने मोबाइल में यह एप जरूर डाल लें जो आपको यह बताएगा कि आज बिजली कहां गिरेगी। इसे केन्द्र सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की ओर से बनाया गया है। केंद्र ने इसे लोगों को सचेत रहने के लिए तैयार करवाया है। इसलिए आप भी इसे अपने मोबाइल में डालना न भूलें।
देश के विभिन्न राज्यों की सरकारें भी इस एप को डालने के लिए लोगों को न केवल प्रेरित कर रहीं हैं बल्कि इस एप के जरिए लोगों को मौसम की रीयल टाइम इन्फर्मेशन भी दे रही हैं। राजस्थान सरकार ने भी अब इस मोबाइल एप का सहारा लेने का फैसला किया है। इसके लिए सरकार ने मौसम विभाग की भविष्यवाणी को सार्वजनिक करने का फैसला किया है।
आपको बता दें कि हाल ही में राजस्थान, बिहार, उत्तरप्रदेश सहित कई राज्यों में इस मानसूनी सीजन में आकाशीय बिजली गिरने से बड़ी संख्या में लोगों और पशुधन की जान जा चुकी हैं। और यह सिलसिला बरसों से चला आ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की ओर से यह एप तैयार करवाया गया। इस एप का नाम है ‘दामिनी’।
ऐप बताएगा आसपास कहां गिर सकती है बिजली
इस एप के जरिए लोगों को 40KM एरिया की रियल टाइम इन्फोर्मेशन मोबाइल पर ही मिलेगी, GPS से ट्रेस कर आपको अलर्ट करेगा। इस प्राकृतिक आपदा के आने की सूचना समय पर मिल जाने से आमजन को अपना बचाव करने का मौका मिल जाएगा। अब देश की राज्य सरकारें भी इसका सहारा ले रही हैं। वे लोगों को जागरूक करने के लिए इस एप का प्रमोशन भी करवा रही हैं।
इसमें ये पता चल सकेगा कि किस एरिया में बिजली कड़कने की संभावना है और कहां गिरने की आशंका है। ये एप मोबाइल पर गूगल के जरिए आपकी लोकेशन और उसके 40 किलोमीटर एरिया की लोकेशन को ट्रेस करेगा। इस लोकेशन में अगर कहीं बिजली कड़कने की भविष्यवाणी मौसम विभाग ने जारी की होगी तो उसे आपके मोबाइल स्क्रीन पर दिखाएगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग नई दिल्ली ने यह दामिनी एप विकसित की है।
30 मिनट पूर्व ही दे देगा सटीक जानकारी
एप बिजली, वज्रपात और ठनका की सटीक जानकारी 30 मिनट पूर्व ही दे देगा। इसके लिए ऊष्णदेशीय मौसम विज्ञान के वैज्ञानिकों ने देश के विभिन्न हिस्सों में करीब 48 सेंसर के साथ एक लाइटनिंग लोकेशन नेटवर्क स्थापित किया है। यह नेटवर्क बिजली गिरने का सटीक पूर्वानुमान देता है।
इस नेटवर्क के आधार पर ही दामिनी ऐप को विकसित किया गया है, जो 40 किमी की परिधि में बिजली गिरने के संभावित स्थान की जानकारी देगा। यह नेटवर्क बिजली की गड़गड़ाहट के साथ वज्रपात की गति भी बताता है। ऐप में नीचे बिजली गिरने पर बचाव और सुरक्षा के उपाय सहित प्राथमिक इलाज की जानकारी भी दी गई है।
दामिनी ऐप से चेतावनी मिलने पर यह करें
दामिनी ऐप के माध्यम से वज्रपात का पूर्वानुमान पाकर सतर्क होकर जानमाल की क्षति से बचा जा सकता है। दामिनी ऐप से चेतावनी मिलने पर बिजली से बचने के लिए खुले खेतों, पेड़ों के नीचे, पहाड़ी इलाकों, चट्टानों का सहारा न लें। धातुओं के बर्तन न धोएं और स्नान आदि करने से बचें। किसी स्थायी घर के अंदर चले जाएं। बारिश या जमीन पर पानी से बचें। अगर स्थायी घर पर जाना संभव न हो तो खुली जगह पर ही घुटनों के बल कान बंद कर बैठ जाएं। छाते का कतई इस्तेमाल न करें। साथ ही हाइटेंशन तारों और टावर से दूर रहें।
मोबाइल पर ऐसे डाउनलोड करें दामिनी ऐप
दामिनी ऐप को प्ले स्टोर से अपने मोबाइल में आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है। डाउनलोड करने के बाद इसमें पंजीकरण करना होगा। इसमें उन्हें अपना नाम और लोकेशन की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। यह जानकारी डालते ही यह ऐप लोकेशन के से 40 किमी की परिधि में बिजली गिरने की चेतावनी ऑडियो संदेश और एसएमएस के माध्यम से मिलेगी।
क्या आपने ये खबरें भी पढ़ीं?
- मानसरोवर में बच्चों की मुस्कान के बीच हुई एक जरूरी पहल | बाल अधिकारों से लेकर सुरक्षा तक दी गई जानकारी
- असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती पर राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा ब्रेक, अंतिम परिणाम जारी करने पर रोक | विवादित प्रश्नों पर RPSC और उच्च शिक्षा सचिव से जवाब तलब
- PNB की चेस्ट में ही छिपा था 17.29 करोड़ का खेल, मैनेजर गिरफ्तार, अब खुलेगा नकली नोटों का वो राज जो हिला देगा पूरा नेटवर्क | NIA ने कसी नकेल
- राजस्थान में प्राइवेट यूनिवर्सिटी खोलना हुआ आसान; सरकार ने हटाई जमीन की शर्त, अब सिर्फ इतना कारपेट एरिया जरूरी
- पंजाब में कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, सरकार ने दो बड़े फैसलों पर लिया यू-टर्न; DA की लड़ाई अभी बाकी | ਪੰਜਾਬ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਦੀ ਹੜਤਾਲ ਖਤਮ, ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਦੋ ਵੱਡੇ ਫੈਸਲਿਆਂ ‘ਤੇ ਲਿਆ ਯੂ-ਟਰਨ; ਡੀਏ ਦੀ ਲੜਾਈ ਅਜੇ ਵੀ ਲੰਬਿਤ
- राजस्थान में फिर बदल सकता है मौसम का मिजाज; अगले दौर को लेकर आया ये बड़ा अपडेट | जारी हुआ यलो अलर्ट
- ‘डरपोक जज कहलाना मंजूर नहीं, मरना पसंद करूंगा’, माफिया के दबाव के बीच जज ने सुनाई नदीम को फांसी
- मंत्रोच्चारण के साथ पौधारोपण, महारानी श्री जया कॉलेज में पर्यावरण संरक्षण का संदेश
