जयपुर
राजस्थान में कोरोना का खतरा बढ़ता जा रहा है। सोमवार को पिछले 24 घंटों में प्रदेश के 11 जिलों में कोरोना के 29 नए पॉजिटिव मरीज मिले। जयपुर में सर्वाधिक 15 पॉजिटिव मरीज मिले। वहीं प्रदेश में आज एक कोरोना मरीज की मौत होने की सूचना है। पिछले 19 दिन में कोरोना से यह दूसरी मौत हुई है।
पिछले 24 घंटे में आज सबसे ज्यादा 15 मरीज जयपुर में मिले है। जयपुर में दो मरीज ऐसे संदिग्ध है, जिनमें ओमिक्रॉन वेरियंट होने की आशंका जताई जा रही है और इनके सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए लैब भिजवाए है। जयपुर के अलावा उदयपुर में 3, जोधपुर, अजमेर में 2-2 और अलवर, बाड़मेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, नागौर, पाली में एक-एक केस मिला है। पूरे राज्य में आज इस बीमारी से 28 मरीज रिकवर हुए है, जिसके बाद एक्टिव केसों की संख्या 221 रह गई।
बीकानेर में एक 20 साल की बच्ची की मौत हो गई। 19 दिन में राज्य में कोरोना से मौत हुई है। इससे पहले नवंबर में जयपुर में एक ढाई साल के बच्चे की मौत हुई थी।
जयपुर में ज्यादा बढ़ रहा खतरा
जयपुर में कोरों का खतरा ज्यादा बढ़ रहा है। कल की तुलना में आज जिले में दोगुने कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक जयपुर में 15 नए कोरोना पॉजिटिव जिले में मिले हैं। जयपुर में अभी कुल 102 एक्टिव केस हैं। बापू नगर से 4, जगतपुरा में 3, सोडाला में 2, आदर्श नगर, अजमेर रोड, दुर्गापुरा, सांगानेर, सीतापुरा और वैशाली नगर में एक-एक नया मरीज मिला है।
एक सप्ताह में 150 मरीज मिले
राजस्थान में पिछले 7 दिन में 150 पॉजिटिव मरीज अब तक मिल चुके हैं। इसमें आधे से ज्यादा 66 जयपुर के हैं। वहीं बीकानेर में एक सप्ताह में 20, उदयपुर में 12 और अजमेर, अलवर में 9-9 मरीज मिले है। बांसवाड़ा, बारां, भरतपुर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, धौलपुर, जालौर, झालावाड़, करौली, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सिरोही और टोंक ऐसा जिला है, जहां पिछले एक सप्ताह में एक भी मरीज नहीं मिला है।
ज्यादा से ज्यादा सैंपलिंग व रैंडम सैंपल लेने के निर्देश
इस बीच प्रदेश में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट के मरीज मिलने के बाद हैल्थ डिपार्टमेंट के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोड़ा और चिकित्सा सचिव वैभव गालरिया ने सभी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल, सीएमएचओ, पीएमओ व संबंधित अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा सैंपलिंग व रैंडम सैंपल लेने के निर्देश दिए।
गालरिया ने तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट, आईसीयू बेड इत्यादि की समय-समय पर इंस्टॉलेशन सुनिश्चित करने और चिकित्सकों, नर्सिंग कर्मियों को आईसीयू मैनेजमेंट, ऑक्सीजन थेरेपी ट्रीटमेंट प्रोटोकोल इत्यादि की ट्रेनिंग करवाने के भी निर्देश दिए।
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