सुनो ना, मुझे कुछ कहना है…

‘सुनो ना, मुझे कुछ कहना है…’ प्यार, एहसास और साथ निभाने की खूबसूरत भावनाओं से सजी दिल को छू लेने वाली हिंदी प्रेम कविता।

चीख रही थी अबला जर जर…

वो मार रहा था चाकू पत्थर,
चीख रही थी अबला जर जर l
मानवता शर्मसार खड़ी थी,

चलो, आज कुछ अच्छा करते हैं…

चलो,आज कुछ अच्छा करते हैं। कष्टों से रोती दुनिया में…

निर्मल बचपन…

मत रोको इन नादानों को बड़े प्रेम से बहने दो, ये तो निर्मल जल गंगा है…