लखनऊ
राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के बेटे अजित सिंह का 6 मई की सुबह निधन हो गया। चौधरी अजित सिंह कई दिनों से कोरोना से संक्रमित थे। फेफड़े में संक्रमण फैलने से उन्हें निमोनिया भी हो गया था। पिछले दो दिनों से उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। वे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती थे, जहां उन्होंने 86 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। उनकी गिनती बड़े जाट नेताओं में होती थी।
हालत में सुधार नहीं होने पर वे पिछले चार-पांच दिन से वेंटिलेटर पर थे। मगर गुरुवार की सुबह उनका निधन हो गया। राष्ट्रीय लोक दल के नेता अजित सिंह का जन्म 12 फरवरी 1939 को मेरठ में हुआ था। चौधरी अजित सिंह कई बार केंद्रीय मंत्री भी रहे थे। लेकिन पिछले 2 लोकसभा चुनाव और 2 विधानसभा चुनावों के दौरान राष्ट्रीय लोकदल का ग्राफ तेजी से गिरा। यही वजह रही कि अजित सिंह अपने गढ़ बागपत से भी लोकसभा चुनाव हार गए। अजित सिंह के पुत्र जयंत चौधरी भी मथुरा लोकसभा सीट से चुनाव हार गए थे।
अजित सिंह ने आईआईटी खड़गपुर से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की पढ़ाई की थी। वहीं, इलिनॉइस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से उन्होंने मास्टर की डिग्री हासिल की थी। ऐसा कहा जाता है कि 1960 के दशक में आईबीएम में काम करने वाले वह पहले भारतीय थे।
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