नई दिल्ली
यह रेलवे के उन सेवानिवृत कर्मचारियों के काम की खबर है जिनके सेवा में रहते हुए रेलवे में किसी सामान की टूट-फूट या चोरी हो गई, लेकिन इस नुकसान की रिकवरी उनके सेवाकाल में विभाग नहीं कर पाया और सेवानिवृत्ति के बाद उस कर्मचारी से रिकवरी चलती रहती है। लेकिन अब आगे से ऐसा नहीं होगा। रेलवे ने इस पर रोक लगा दी है।
सेवाकाल में जो रिकवरी नहीं कर पाया वही जिम्मेदार
अभी तक रेलवे का नुकसान होने की स्थिति में उसकी कीमत कर्मचारी से वसूलने के आदेश दिए जाते थे, भले ही वह सेवानिवृत हो गया हो। और कार्मिक विभाग के वे कर्मचारी जिनके ऊपर रिकवरी करने की जिम्मेदारी होती थी, वे बच जाते थे, भले ही उन कार्मिक कर्मचारियों की रिकवरी करने में कितनी ही लापरवाही हो। जबकि कार्मिक विभाग के कर्मचारी की जिम्मेदारी होती है कि वह संबंधित कर्मचारी के वेतन से कटौती करके उस रकम की वसूली करे। लेकिन, कई बार कार्मिक विभाग की लापरवाही के चलते वेतन से कटौती नहीं हो पाती है और कर्मचारी सेवानिवृत्त हो जाता है।
रिकवरी करने में लापरवाह कर्मचारी से होगी वसूली
ऐसे में कार्मिक विभाग पीएफ व जीपीएफ से कर्मचारी की बकाया राशि की कटौती कर लेता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। रेलवे बोर्ड ने अब इस पर रोक लगा दी है। बोर्ड ने अपने आदेश में कहा है कि सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारी से किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। बल्कि कटौती में लापरवाही करने वाले रेलवे कर्मचारियों से बकाया रकम वसूली जाएगी। इसको लेकर रेलवे के कार्मिक विभाग ने कर्मचारियों को चेतावनी पत्र जारी किया है।
दरअसल, कुछ रेलवे कर्मचारी नौकरी के दौरान सरकारी राशि जमा नहीं करते हैं। कई बार रेलवे सम्पत्ति की चोरी हो जाने पर संबंधित अधिकारी के वेतन से राशि जमा कराने का आदेश देते हैंं। इसी तरह के अन्य मामले में कटौती करने का आदेश दिए जाते हैं। कटौती करने वाला विभाग वेतन बनाने वाले कार्मिक विभाग को पत्र भेज देता है। कार्मिक विभाग संबंधित कर्मचारी के वेतन से कटौती करने के लिए वेतन अनुभाग को भेज देता है। रेलवे नियम के अनुसार कर्मचारी की सेवा अवधि तक वेतन बकाया राशि की कटौती करने का प्रावधान है। रिकवरी के मामले में कार्मिक विभाग के कर्मचारी की लापरवाही से संबंधित कर्मचारी के वेतन से कटौती नहीं कर सकता है।
जब कर्मचारी सेवानिवृत्त होता है तो उसे पीएफ, जीपीएफ आदि फंड दिए जाते हैंं। कार्मिक विभाग के कर्मचारी पीएफ व जीपीएफ से कर्मचारी के बकाया राशि का कटौती कर लेता है। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि सेवानिवृत्त होने पर कर्मचारी से किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। कटौती करने में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारी के वेतन कटौती की जाएगी।
कार्मिक शाखा के कर्मचारियों को चेतावनी पत्र जारी
बोर्ड के आदेश मिलते ही कार्मिक शाखा के कर्मचारियों को चेतावनी पत्र जारी हो गए हैं। इसमें कहा गया कि जिस कर्मचारी के वेतन से कटौती कराने का आदेश मिलता है, उसके वेतन से अगले माह से ही कटौती शुरू कर दी जाए। कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने से पहले कटौती कर लें। सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी से कोई राशि रिकवरी नहीं की जाएगी। बल्कि कटौती नहीं करने वाले कर्मचारी के वेतन से रिकवरी की जाएगी।
नार्दर्न रेलवे यूनियन (नरमू) के मंडल मंत्री राजेश चौबे के मीडिया में आए बयानों के अनुसार उत्तर रेलवे महाप्रबंधक के साथ यूनियन के पदाधिकारियों की स्थायी वार्ता तंत्र (पीएनएम) की बैठक हुई थी। जिसमें सेवानिवृत्त कर्मचारी से रिकवरी करने के मामले को उठाया था। महाप्रबंधक ने संबंधित अधिकारियों को इस पर रोक लगाने का आदेश दिया है।
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