भरतपुर
राजस्थान सरकार भरतपुर शहर के परकोटे पर भी पट्टे देने पर विचार कर रही है। कुछ तकनीकी खामियां हैं जिनको दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस संदर्भ में जिला प्रशासन से भी जानकारी मांगी गई है।
यह जानकारी भरतपुर कच्चा परकोटा नियमन संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल ने गुरुवार को जयपुर में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग राजस्थान सरकार के सलाहकार पूर्व आइएएस जीएस संधू से मिलने के बाद वहां से लौट कर दी। प्रतिनिधि मंडल ने जीएस संधू को एक ज्ञापन सौंपकर मांग की थी कि प्रशासन शहरों के संग अभियान 2021 के अंतर्गत भरतपुर शहर के चारों ओर स्थित कच्चे परकोटे पर परंपरागत एवं सघन आबादी के रूप में बसे हुए लोगों को पट्टे देने के लिए पूरक गाइडलाइन जारी कराए जाएं।
संघर्ष समिति के संयोजक जगराम धाकड़ ने बताया कि सरकार के सलाहकार जीएस संधू ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सरकार भरतपुर शहर के परकोटे के पट्टे देने के लिए विचार कर रही है। कई ऐसी तकनीकी खामियां हैं जिनकी वजह से पट्टे दिए जाने में देरी हो रही है।
धाकड़ ने बताया कि इस संदर्भ में सरकार के सलाहकार द्वारा जिला प्रशासन भरतपुर से परकोटे के पट्टे देने के संदर्भ में कई जानकारियां मांगी गई है और आगामी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि तकनीकी खामियों की पूर्ति होने पर सरकार द्वारा भरतपुर शहर के परकोटे के पट्टे इन अभियानों में देने पर विचार किया जा रहा है। सरकार के सलाहकार जीएस संधू को पूर्व नेता प्रतिपक्ष इंद्रजीत भारद्वाज ने शहर भरतपुर के कच्चे परकोटे की वस्तु स्थिति आदि की पूर्ण जानकारी दी गई।
प्रतिनिधिमंडल द्वारा ज्ञापन में अवगत कराया गया कि भरतपुर शहर के चारों ओर स्थित रियासत कालीन कच्चा मिट्टी के परकोटा पर पिछले 45-50 वर्षों से लगभग 2000 गरीब मजदूर वर्ग के परिवार निवास करते आ रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रशासन शहरों के संग अभियान 2021 की जारी की गई गाइडलाइन में परकोटे पर काबिज लोगों को पट्टे देने के लिए किसी प्रकार की गाइडलाइन जारी नहीं की गई है और ना ही सरकार की जनकल्याणकारी योजना प्रशासन शहरों के संग अभियान में पट्टे देने की कार्रवाई की जा रही है। जबकि पुरातत्व विभाग द्वारा उक्त परकोटे की भूमि का नियमन करने हेतु स्थानीय निकाय नगर निगम भरतपुर को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया जा चुका है।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में अवगत कराया कि विगत 7 अगस्त,2021 को भरतपुर प्रवास के दौरान स्वायत्त शासन मंत्री राजस्थान सरकार सहित स्थानीय मंत्रियों एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा आश्वासन दिया गया था कि कच्चे परकोटे पर रहने वाले लोगों को 2 अक्टूबर 2021 से प्रारंभ होने वाले अभियानों में रियायती दरों एवं नियम कानून मापदंडों में शिथिलता देते हुए पट्टे दिए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल ने अवगत कराया कि परकोटे पर रहने वाले धनाढ्य लोगों को स्थानीय निकाय नगर निगम भरतपुर द्वारा लगभग 300 लोगों को भूमि के पट्टे दिए जा चुके हैं जिन पर आवासीय एवं व्यवसायिक गतिविधियां संचालित हैं। प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय निकाय पर पक्षपात व भेदभाव पूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए ज्ञापन में परकोटे के पट्टे नहीं दिए जाने पर आक्रोश व्यक्त किया गया है।
प्रतिनिधिमंडल में संघर्ष समिति के संयोजक जगराम धाकड़, उप संयोजक श्रीराम चंदेला, संघर्ष समिति के पदाधिकारी मानसिंह सागर, ओम प्रकाश मिश्रा, समंदर सिंह, संजीव शर्मा आदि शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने अलग से स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक को भी एक ज्ञापन पट्टे दिलाने की मांग को लेकर दिया गया।
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