जयपुर / अलवर
राजस्थान में REET परीक्षा में नकल को लेकर बड़े – बड़े खुलासे हो रहे हैं। शनिवार को पुलिस ने जयपुर और अलवर में बड़ी कार्रवाइयों का खुलासा और किया। जयपुर में एक सरकारी स्कूल के लेक्चरर को 15 लाख में परीक्षा देने की डील करते हुए गिरफ्तार किया गया तो अलवर में DISCOM के एक जेईएन और शराब ठेकेदार को दबोचा गया।
जयपुर पुलिस ने शहर के महेश नगर से सांचौर, जालौर निवासी एक ऐसे फर्स्ट ग्रेड के स्कूल लेक्चरर गिरफ्तार किया जो REET में डमी कैंडिडेट बनकर बैठने की तैयारी पूरी कर चुका था और इसके लिए उसने 15 लाख में डील तय की थी। वह एक लाख एडवांस भी ले चुका था। वह मूल अभ्यर्थी से मिलती-जुलती फोटो को एडिट करके एडमिट कार्ड पर लगाकर पहुंचा था। उसके कब्जे से पुलिस को प्रवेश पत्र, आधार कार्ड और फर्जी प्रवेश कार्ड भी बरामद हुआ है। उसके मोबाइल में वॉट्सऐप चैटिंग भी मिली।
डीसीपी प्रहलाद कृष्णियां ने बताया कि आरोपी का नाम मनोहर लाल बिश्नोई (25) पुत्र हरूराम बिश्नोई निवासी सांचौर,जालौर है। वह ग्रेड फर्स्ट का स्कूल लेक्चरर है। वह महेश नगर में श्रीगोपाल नगर में 60 फीट रोड पर किराए के मकान में रहता है।
फोटो एडिट करते हैं और फिर गर्दन नीचे करके देते हैं परीक्षा
पुलिस पूछताछ में आरोपी मनोहर ने सौदे को कैसे डील करता था, उसकी सारा खुलासा किया और बताया कि वॉट्सऐप कॉल पर ही कैंडिडेट से सौदा कर लेते हैं। फिर एडमिट कार्ड जारी होते ही फर्जीवाड़ा शुरू कर देते हैं। एडमिट कार्ड पर कैंडिडेट से मिलते-जुलते बालों और चेहरे की फोटो एडिट करके लगाते हैं। फिर आराम से सेंटर पर जाकर गर्दन नीचे करके परीक्षा देते रहते हैं। लेकिन वह परीक्षा देने से पहले ही पकड़ में आ गया।
आठ लाख परीक्षा से पहले और 6 लाख सलेक्शन के बाद की हुई थी डील
पुलिस के अनुसार मनोहर लाल ने आठ लाख परीक्षा से पहले और 6 लाख सलेक्शन के बाद लेने की डील की थी। उसने ई-मित्र पर जाकर फोटो एडिट करके कार्ड तैयार किया था। उसके मोबाइल में भी पेपर से संबंधित चैटिंग के सबूत मिले हैं।
शराब ठेकेदार व जेईएन को रकम लेते पकड़ा
इधर अलवर में रीट परीक्षा में पास करने की गारंटी लेने वाले गिरोह के दो लोगों को भीअरावली विहार थाना पुलिस ने दबोचा है। इनमें इनमें एक शराब का ठेकेदार तो दूसरा DISCOM में जेईएन है। उनके कब्जे से 8 हजार रुपए और कई अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड मिले हैं। इससे पहले बहरोड़ पुलिस ने भी एक युवक को गिरफ्तार किया था। जिसके कब्जे 11 लाख रुपए बरामद किए थे। रीट की परीक्षा में एसओजी के इनपुट और स्थानीय पुलिस को शिकायत मिलने पर ये कार्रवाई की गई।
अलवर एसपी तेजस्वनी गौतम ने पत्रकारों को बताया कि शराब ठेकेदार भीम सिंह मीणा पुत्र कैलाश चंद मीणा निवासी मुकुन्दरा रैणी व DISCOM जेईएन मूलचंद मीणा पुत्र छीतरमल मीणा निवासी उकेरी रैणी हैं। भीम सिंह मीणा प्रॉपर्टी डीलर भी है। मूलचंद मीणा रैणी में जेईएन है। अभी पुलिस दोनों को रिमांड पर लेकर कुछ और राज उगलवाने का प्रयास करने में लगी है।
एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि ये लोग सेंटर बदलवाकर या डमी केंडीडेट के जरिए एग्जाम पास कराने का दावा कर रकम वसूलने में लगे थे। अभी इनके पास से काफी अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड व मोबाइल में रीट से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। जिसकी जांच की जा रही है। पकड़े गए गैंग के दो जनों के अलावा इनके बाकी साथियों की जानकारी जुटा रहे हैं। पीसी रिमांड पर लेने के बाद कुछ और भी खुलासे हो सकते हैं।
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