भरतपुर
भरतपुर के सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के अफसरों को लापरवाही राजस्थान सरकार को भारी पड़ गई। अफसरों की कोताही के कारण सार्वजनिक निर्माण विभाग का अधीक्षण अभियंता कार्यालय न्यायालय के आदेश पर 1.10 करोड़ में नीलाम कर दिया गया।
दरअसल विभाग के अफसरों ने अपने ही एक मृतक कर्मचारी के आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति नहीं दी और न मुआवजा राशि का भुगतान किया। जबकि न्यायालय करीब डेढ़ साल पहले इसके आदेश दे चुका था। फिर भी विभाग के अफसर ठीक से पैरवी नहीं कर पाए। इस पर न्यायलय ने करीब सात माह पहले PWD ऑफिस की कुर्की करने के आदेश भी जारी कर दिए। इसके बाद भी विभाग के अफसर एक्शन मोड पर नहीं आए और मृतक आश्रित को नौकरी नहीं दी। नतीजतन गुरूवार 23 सितम्बर, 2021 को भरतपुर का PWD ऑफिस 1.10 करोड़ में नीलाम हो गया।
यह था पूरा मामला
मिथिलेश के पति वीरेंद्र सार्वजनिक निर्माण विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे, लेकिन उनकी करीब 4 वर्ष पूर्व मौत हो गई। इसके बाद मृतक आश्रित मिथलेश ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया, लेकिन मृतक आश्रित को नौकरी नहीं दी गई। इस पर मिथलेश ने वर्ष 2018 में न्यायालय में वाद दायर कर दिया। न्यायालय ने 7 फरवरी, 2020 को आदेश दिया कि मृतक आश्रित के बेटे को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। साथ ही पीड़ित को 16 लाख 59 हजार राशि का भुगतान किया जाए।
कोर्ट के आदेश के बावजूद विभाग ने न तो अनुकंपा नियुक्ति दी और न ही भुगतान किया। इस पर PWD कार्यालय को 18 फरवरी, 2021 को कुर्क भी किया गया। फिर भी अफसर नहीं जागे। उन्होंने न्यायालय के आदेश की पालना नहीं। इस पर गुरुवार सुबह न्यायालय के आदेश पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्यालय की 1.10 करोड़ में नीलामी कर दी गई।
तीन बोलीदाता आए
नीलामी कार्रवाई के दौरान तीन बोली दाता भीम सिंह, दीनदयाल और हरि सिंह आए। हरि सिंह ने कार्यालय की अंतिम बोली 1 करोड़ 10 लाख रुपए लगाई। सेल अमीन वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि अंतिम बोली का अनुमोदन न्यायालय करेगा।
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