राजस्थान कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय ने राजकीय और निजी महाविद्यालयों में नशामुक्त वातावरण बनाने, परिसर के 500 मीटर दायरे में मादक पदार्थों व तंबाकू उत्पादों की रोकथाम और दो दिन में पोर्टल पर सूचना भरने के निर्देश दिए।
जयपुर। राजस्थान के कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए एक अहम निर्देश जारी हुआ है। अब कॉलेजों को सिर्फ परिसर के भीतर ही नहीं, बल्कि उसके आसपास के 500 मीटर के दायरे में भी नशीले पदार्थों और तंबाकू उत्पादों की बिक्री व इस्तेमाल रोकने के लिए कदम उठाने होंगे। कॉलेजों को नशामुक्त घोषित करने की प्रक्रिया के तहत उच्च शिक्षा विभाग ने राजकीय और निजी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश जारी किए हैं।
आयुक्तालय, कॉलेज शिक्षा, राजस्थान, जयपुर की ओर से जारी पत्र में महाविद्यालयों में नशामुक्त वातावरण सुनिश्चित करने और विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने के लिए नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है। निर्देशों में कॉलेज प्रशासन को स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ मिलकर काम करने के साथ विद्यार्थियों के बीच नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की जिम्मेदारी भी दी गई है।
कॉलेज परिसर के बाहर भी रहेगी नजर, 500 मीटर का दायरा अहम
जारी निर्देशों के अनुसार, महाविद्यालय परिसर और उसकी 500 मीटर की परिधि में मादक पदार्थों तथा तंबाकू उत्पादों की बिक्री और उपयोग की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों एवं स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करना होगा। इसके लिए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। यानी कॉलेजों के लिए नशामुक्त वातावरण तैयार करने की जिम्मेदारी केवल कक्षाओं और परिसर तक सीमित नहीं रहेगी। आसपास के क्षेत्र में भी प्रतिबंधित गतिविधियों की रोकथाम के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर काम करना होगा।
विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए भी चलेगा अभियान
निर्देशों में केवल रोकथाम की कार्रवाई पर जोर नहीं दिया गया है, बल्कि विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने को भी कहा गया है। इसके लिए महाविद्यालयों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने होंगे, ताकि विद्यार्थियों को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी जा सके और नशामुक्त वातावरण बनाने में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो।
दो दिन में पूरी करनी होगी यह प्रक्रिया
आयुक्तालय के पत्र में नशामुक्ति से संबंधित व्यक्तिगत सूचनाएं निर्धारित पोर्टल पर दर्ज कराने के संबंध में भी निर्देश दिए गए हैं। सभी राजकीय महाविद्यालयों को ‘Nasha Mukt Abhiyan Govt College’ पोर्टल पर दो दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से जानकारी भरना सुनिश्चित करने को कहा गया है। पत्र के अनुसार, यह निर्देश नशामुक्त वातावरण सुनिश्चित करने और महाविद्यालयों को ड्रग फ्री घोषित करने की प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
राज्य स्तरीय बैठक के बाद जारी हुए निर्देश
पत्र में बताया गया है कि देश में नशे की समस्या से निपटने के लिए नीति निर्माण और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के 25 मार्च 2022 के आदेश के संदर्भ में कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में मुख्य सचिव, राजस्थान की अध्यक्षता में 29 सितंबर 2026 को नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की राज्य स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई थी। इस बैठक में केंद्र सरकार के विजन डॉक्यूमेंट को लागू करने और निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार को विभिन्न निर्देश दिए गए।
आयुक्तालय, कॉलेज शिक्षा ने अपने पत्र में पूर्व में जारी विभागीय निर्देशों का भी उल्लेख करते हुए महाविद्यालयों में नशामुक्त वातावरण सुनिश्चित करने की कार्रवाई दोबारा प्रभावी ढंग से करने को कहा है। अब कॉलेज प्रशासन के सामने परिसर के भीतर और आसपास नशे की रोकथाम, स्थानीय प्रशासन से समन्वय, जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन और निर्धारित समय में पोर्टल पर सूचना दर्ज कराने की जिम्मेदारी है।
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