जयपुर
राजस्थान के 209 करोड़ रुपए के सिंडिकेट बैंक घोटाला मामले में CBI ने जयपुर में CBI की विशेष अदालत में 25 अगस्त बुधवार को चार्चशीट पेश कर दी। पेश चार्जशीट में बैंक के अफसरों, चार्टर्ड एकाउंटेंट्स व व्यवसायियों समेत 18 लोगों को आरोपी बनाया है। इसमें CA भरत बंब और आर्किटेक्ट अनूप बरतरिया का नाम भी शामिल है।
आपको बता दें कि जयपुर व उदयपुर में सिंडिकेट बैंक घोटाला वर्ष 2017 में सामने आया था। करोड़ों रुपए के इस घोटाले की जांच CBI को सौंपी गई थी। CBI ने 23 मार्च 2017 को सिंडिकेट बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय जयपुर की शिकायत पर केस दर्ज किया था।
सीबीआई की जांच में खुलासा हुआ है कि बैंक ने अपने निदेशकों/ साझेदारों के माध्यम से तीन निजी फर्मों से 210 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी की है। सिंडिकेट बैंक क्षेत्रीय कार्यालय, जयपुर से एक शिकायत पर चार्टर्ड एकाउंटेंट, बिल्डर सहित छह निजी व्यक्तियों के खिलाफ, सिंडिकेट बैंक के दो तत्कालीन एजीएम, दो मुख्य प्रबंधक और अन्य अज्ञात सरकारी कर्मचारी निजी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
शिकायत में यह आरोप लगाया गया था कि तीन शाखाओं द्वारा 118 ऋण खातों को स्वीकृत और वितरित किया गया था। ये पूरा घोटाला सिंडिकेट बैंक की एमआई रोड शाखा, जयपुर, मालवीय नगर शाखा, और उदयपुर की शाखा से किया गया। इस घोटाले में 118 ऋण खाते, आवास ऋण खाते शामिल पाए गए हैं। सीबीआई जांच में वर्ल्ड ट्रेड पार्क (डब्ल्यूटीपी) की वाणिज्यिक संपत्ति की खरीद के लिए ऋण खाते, ओडी सीमा और विदेशी साख पत्र के मामले में भारी अनियमितताएं पाई गई हैं।
उदयपुर स्थित चार्टर्ड एकाउंटेंट भरत बंब ने अपने कर्मचारियों और अन्य लोगों के साथ जयपुर में एमआई रोड शाखा के अधिकारियों के साथ मिलकर घोटाले की साजिश रची थी। उन्होंने मालवीय नगर शाखा जयपुर एवं सिंडिकेट बैंक की उदयपुर शाखा एवं विभिन्न ऋण सुविधाओं की स्वीकृति प्राप्त की। इस तरह आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों, बिलों, कोटेशन और प्रमाण पत्रों आदि के आधार पर बैंक से लगभग 209.93 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की।
घोटाले के ये हैं 18 आरोपी
- भारत बम, चार्टर्ड एकाउंटेंट
- पवित्रा कोठारी, निजी व्यक्ति
- अनूप बरतरिया, निजी व्यक्ति
- आदर्श मनचंदा, तत्कालीन एजीएम, सिंडिकेट बैंक
- महेश गुप्ता, तत्कालीन प्रबंधक, सिंडिकेट बैंक
- कमल शर्मा, निजी व्यक्ति
- महेंद्र मेघवाल, निजी व्यक्ति
- रवि प्रकाश शर्मा, निजी व्यक्ति
- प्रगति शर्मा, निजी व्यक्ति
- दिलीप कुमावत, निजी व्यक्ति
- कमल अत्री, निजी व्यक्ति
- सतीश खंडेलवाल, निजी व्यक्ति
- गौरव धनवाल, निजी व्यक्ति
- विक्रम जैन, निजी व्यक्ति
- दौलत राज कोठारी, निजी व्यक्ति
- मैसर्स जेएलएन मेटल हाउस, अपने भागीदारों के माध्यम से
- मैसर्स रिदिमा इंफ्राटेक एलएलपी, अपने भागीदारों के माध्यम से
- मैसर्स समृद्धि सिद्धि बिल्डर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, इसके निदेशकों के माध्यम से घोटाला किया।
बैंक के दिशा निर्देशों का उल्लंघन
CBI ने यह भी आरोप सही माना कि सिंडिकेट बैंक, एमआई रोड शाखा के तत्कालीन प्रबंधक और तत्कालीन एजीएम ने बैंक के दिशा निर्देशों का उल्लंघन कर विभिन्न क्रेडिट सुविधाओं को मंजूरी दी थी। इन बैंक अधिकारियों ने कथित रूप से आरोपियों से जुड़े विभिन्न व्यक्तियों, फर्मों और कंपनियों को कमर्शियल संपत्तियों, एफएलसी, हाउसिंग लोन, ओडी सीमा और सावधि ऋण की खरीद के लिए लोन स्वीकृत किए।
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