जिस राज को दबा समझा जा रहा था, वह फिर खुल गया… SHO ने की 1 लाख की डिमांड, कॉल रिकॉर्डिंग ने खोल दिया राज | अब ACB ने दर्ज किया केस

सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा थाने के पूर्व SHO महेन्द्र शर्मा के खिलाफ ACB ने धारा 7 में FIR दर्ज की है। चार बजरी ट्रैक्टर छोड़ने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।

सवाई माधोपुर। चार बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां थाने पहुंचीं तो मामला सिर्फ वाहनों की जब्ती तक सीमित नहीं रहा। आरोप है कि इन्हें कानूनी कार्रवाई से बचाने और आगे बजरी परिवहन में रुकावट नहीं डालने के बदले रकम मांगी गई। शुरुआत 1 लाख रुपये से हुई और बात 50 हजार रुपये पर आकर ठहरी। इसके बाद परिवादी और तत्कालीन थाना प्रभारी के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग एसीबी के लिए अहम साक्ष्य बन गई।

इसी शिकायत और सत्यापन के आधार पर जयपुर स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) मुख्यालय ने अब चौथ का बरवाड़ा थाने के पूर्व SHO महेन्द्र शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत औपचारिक FIR दर्ज की है।

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चार ट्रैक्टर जब्त होने के बाद शुरू हुआ था विवाद

मामला चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र में बजरी परिवहन से जुड़ा है। परिवादी सरदार गुर्जर ने एसीबी से शिकायत की थी कि तत्कालीन SHO महेन्द्र शर्मा ने बजरी से भरे चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया था। शिकायत के मुताबिक, इन वाहनों को छोड़ने और आगे बजरी परिवहन में पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने के बदले 1 लाख रुपये की मांग की गई। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया तो बातचीत के दौरान रिश्वत की रकम 50 हजार रुपये पर तय होने की बात सामने आई।

सौदे की बात फोन पर हुई और रिकॉर्ड हो गई

मामले में सबसे अहम कड़ी परिवादी और महेन्द्र शर्मा के बीच हुई टेलीफोनिक बातचीत बनी। एसीबी के सत्यापन के दौरान जुटाई गई रिकॉर्डिंग में रिश्वत की रकम और बजरी से जुड़े वाहनों को कार्रवाई से बचाने की बातचीत सामने आने का दावा किया गया है। इसी डिजिटल साक्ष्य और सत्यापन में सामने आए तथ्यों के आधार पर एसीबी मुख्यालय ने मामले में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई आगे बढ़ाई।

मुकदमा दर्ज होने के बाद एसीबी ने मामले की विस्तृत जांच के लिए स्पेशल टीम बनाई है। जांच की जिम्मेदारी सीआई सुभाष मील को सौंपी गई है।

अब जांच का दायरा इस बात तक भी पहुंच सकता है कि चौथ का बरवाड़ा थाने में बजरी परिवहन से जुड़े मामलों में इस तरह की कथित वसूली का कोई पुराना पैटर्न था या नहीं। एसीबी यह भी पड़ताल करेगी कि इस पूरे मामले में किसी अन्य पुलिसकर्मी, स्थानीय व्यक्ति या बिचौलिए की भूमिका तो नहीं थी।

नवंबर 2025 में संभाला था चौथ का बरवाड़ा थाने का जिम्मा

महेन्द्र शर्मा ने नवंबर 2025 में चौथ का बरवाड़ा थाने के SHO के रूप में कार्यभार संभाला था। जुलाई 2026 में उनका तबादला धौलपुर जिले के बाड़ी में हो गया। फिलहाल वे बाड़ी में ही एसएचओ के पद पर कार्यरत बताए गए हैं। पूर्व थाना प्रभारी के खिलाफ एसीबी की FIR सामने आने के बाद सवाई माधोपुर पुलिस महकमे में मामला चर्चा में है। खास तौर पर बजरी परिवहन को लेकर पहले से संवेदनशील माने जाने वाले इस इलाके में अब जांच के अगले कदम पर नजर रहेगी।

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