हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जिला एवं अतिरिक्त जिला न्यायाधीश संवर्ग में बड़ा फेरबदल किया है। कई जिलों के जज बदले गए हैं और परवीन चौहान को सरकार में अहम जिम्मेदारी मिली है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में जिला स्तर की न्यायिक व्यवस्था में बड़ा फेरबदल हुआ है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रशासनिक हित में जिला एवं अतिरिक्त जिला न्यायाधीश संवर्ग के अधिकारियों की नई तैनातियां की हैं। इस बदलाव के साथ कई जिलों में न्यायिक कमान नए अधिकारियों के हाथ में होगी, जबकि कुछ अधिकारियों को पदोन्नति के बाद महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं।
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल विकास भारद्वाज की ओर से जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। हालांकि, एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक शर्त भी रखी गई है। 12 सितंबर 2026 को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन को देखते हुए संबंधित न्यायिक अधिकारी लोक अदालत पूरी होने से पहले अपना वर्तमान कार्यभार नहीं छोड़ेंगे।
परवीन चौहान अब सरकार में संभालेंगी अहम जिम्मेदारी
इस फेरबदल में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव परवीन चौहान का है। कांगड़ा (धर्मशाला) स्थित श्रम न्यायालय-सह-औद्योगिक न्यायाधिकरण की पीठासीन अधिकारी के पद से उनकी सेवाएं वापस लेकर हिमाचल प्रदेश सरकार को सौंपी गई हैं। अब वे राज्य सरकार में विधि परामर्शी-सह-प्रधान सचिव (कानून) की जिम्मेदारी संभालेंगी।
शिमला से सिरमौर, किन्नौर से मंडी… बदली जिला अदालतों की कमान
तबादलों के तहत शिमला के जिला एवं सत्र न्यायाधीश (वन) अजय मेहता को अब सिरमौर (नाहन) का जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया गया है।
वहीं किन्नौर (रामपुर बुशहर) के जिला एवं सत्र न्यायाधीश मदन कुमार को मंडी परिवार न्यायालय का प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
मंडी परिवार न्यायालय के वर्तमान प्रधान न्यायाधीश अमन सूद को अब कांगड़ा (धर्मशाला) का जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया गया है।
ऊना और कुल्लू में भी अदला-बदली
न्यायिक अधिकारियों के फेरबदल में ऊना और कुल्लू भी शामिल हैं। ऊना के जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार को कुल्लू भेजा गया है। इसके जवाब में कुल्लू के जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रकाश चंद राणा अब ऊना में अपनी सेवाएं देंगे।
पदोन्नति के बाद दो अधिकारियों को नई जिला अदालतों की कमान
आदेश में पदोन्नति के बाद नई जिम्मेदारी पाने वाले अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। राजेश चौहान को पदोन्नति के बाद शिमला के जिला एवं सत्र न्यायाधीश (वन) की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं डॉ. अबीरा बासु को किन्नौर (रामपुर बुशहर) की जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश भी फेरबदल में शामिल
हाईकोर्ट के आदेश का दायरा केवल जिला एवं सत्र न्यायाधीशों तक सीमित नहीं है। नाहन, शिमला, कुल्लू, मंडी, सोलन और सरकाघाट में तैनात कई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के तबादले भी किए गए हैं।
इसके साथ ही शिमला के जिला एवं सत्र न्यायाधीश (वन) को हर महीने के तीसरे सप्ताह में एक सप्ताह के लिए ठियोग में सर्किट कोर्ट लगाने का निर्देश दिया गया है।
इस तरह हाईकोर्ट के एक प्रशासनिक आदेश से हिमाचल के कई जिलों की न्यायिक व्यवस्था में जिम्मेदारियों का व्यापक पुनर्विन्यास हुआ है। हालांकि, राष्ट्रीय लोक अदालत के कारण तत्काल कार्यभार परिवर्तन पर रोक जैसी व्यवस्था रखी गई है, ताकि 12 सितंबर की प्रक्रिया प्रभावित न हो।
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