Himachal News: हजारों शिक्षकों की सीनियरिटी पर चला ‘रीसेट’ बटन | 2017 और 2023 की सूची रद्द, अब 2006 से फिर तय होगा पूरा क्रम

हिमाचल प्रदेश में स्कूल प्रवक्ताओं की 2017 और 2023 की वरिष्ठता सूची रद्द कर दी गई है। शिक्षा निदेशालय अब 1 जनवरी 2006 से वरिष्ठता का पुनर्निर्धारण करेगा, जिससे हजारों शिक्षकों की पदोन्नति, तबादले और सेवा लाभ प्रभावित होंगे।

शिमला। हिमाचल प्रदेश के स्कूल प्रवक्ताओं के लिए शिक्षा विभाग का एक फैसला आने वाले दिनों में सेवा रिकॉर्ड से लेकर पदोन्नति तक का पूरा गणित बदल सकता है। वर्षों से लागू वरिष्ठता सूची को निरस्त करते हुए शिक्षा निदेशालय ने अब 1 जनवरी 2006 से प्रवक्ताओं की वरिष्ठता नए सिरे से तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका सीधा असर प्रदेशभर के हजारों प्रवक्ताओं की वरिष्ठता, प्रमोशन, नियुक्ति, तबादलों और अन्य सेवा लाभों पर पड़ना तय माना जा रहा है।

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स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली की ओर से जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न न्यायालयों के फैसलों, पूर्व प्रभाव से नियमितीकरण (Retrospective Regularization) और उससे जुड़े सेवा लाभों के आदेशों के कारण मौजूदा वरिष्ठता सूची वास्तविक स्थिति को प्रतिबिंबित नहीं कर रही थी। ऐसे में 2017 में जारी और 2023 में संशोधित वरिष्ठता सूची को रद्द कर पूरी प्रक्रिया दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

अदालती फैसलों ने बदल दिया पूरा गणित

निदेशालय के अनुसार वर्ष 1995 से 2000 के बीच अनुबंध के आधार पर नियुक्त कई प्रवक्ताओं को उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद पूर्व प्रभाव से नियमितीकरण का लाभ मिला। कई मामलों में अदालतों ने शुरुआती नियुक्ति तिथि से ही नियमित सेवा मानने और उससे जुड़े सभी सेवा लाभ देने के निर्देश दिए। इन फैसलों के बाद संबंधित शिक्षकों की सेवा अवधि बढ़ गई, जिससे वरिष्ठता क्रम में व्यापक बदलाव स्वाभाविक हो गया।

विभाग का मानना है कि यदि इन न्यायिक आदेशों को वरिष्ठता सूची में शामिल नहीं किया जाता तो प्रभावित शिक्षकों के साथ न्याय नहीं होता और भविष्य में नए विवाद खड़े हो सकते थे।

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अस्थायी सूची जारी, 15 दिन में दर्ज कराएं आपत्ति

निदेशालय ने फिलहाल 1 जनवरी 2006 से 31 दिसंबर 2012 तक की अवधि की अस्थायी वरिष्ठता सूची अपनी वेबसाइट पर जारी कर दी है।

जिन प्रवक्ताओं का नाम सूची में नहीं है, सेवा विवरण में त्रुटि है, नियुक्ति या नियमितीकरण की तिथि गलत दर्ज हुई है अथवा किसी अन्य प्रकार की आपत्ति है, वे अपने डीडीओ के माध्यम से दस्तावेजी प्रमाण सहित 15 दिनों के भीतर दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। तय समयसीमा के बाद प्राप्त दावों पर विचार नहीं किया जाएगा। सभी आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम वरिष्ठता सूची प्रकाशित की जाएगी।

डाइट प्रवक्ता भी होंगे शामिल

वरिष्ठता पुनर्निर्धारण की इस प्रक्रिया में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में कार्यरत प्रवक्ताओं को भी शामिल किया जा रहा है। कुछ मामलों में न्यायालय ने डाइट प्रवक्ताओं को स्कूल कैडर की वरिष्ठता सूची में शामिल करने के निर्देश दिए थे। अब विभाग उन आदेशों को भी लागू कर रहा है, जिससे वरिष्ठता क्रम में कई नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

2013 के बाद की सूची फिलहाल रुकी

शिक्षा निदेशालय ने फिलहाल 1 जनवरी 2013 के बाद की वरिष्ठता सूची तैयार करने की प्रक्रिया रोक दी है। विभाग का कहना है कि इसका कारण हिमाचल प्रदेश भर्ती एवं सेवा शर्त अधिनियम-2024 से जुड़ा न्यायिक विवाद है।

उच्च न्यायालय इस अधिनियम को अवैध घोषित कर चुका है, जबकि राज्य सरकार ने इस फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है। मामला अभी विचाराधीन है, इसलिए विभाग ने फिलहाल 2013 के बाद की वरिष्ठता सूची तैयार करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाने का फैसला लिया है।

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