राजस्थान राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा ने सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को उम्मीदवार घोषित किया है। 18 जून को होने वाले चुनाव से पहले इस फैसले ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।
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जयपुर
राजस्थान की राजनीति में कई दिनों से चल रही अटकलों पर आखिरकार गुरुवार को विराम लग गया। भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने दोनों उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने संगठन के मजबूत चेहरे सतीश पूनिया और पूर्व विधायक अलका गुर्जर को राज्यसभा भेजने का फैसला कर राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
उम्मीदवारों के नाम सामने आते ही यह साफ हो गया कि भाजपा ने केवल चुनावी गणित नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए यह दांव खेला है। एक तरफ लंबे समय से बड़ी जिम्मेदारी की प्रतीक्षा कर रहे सतीश पूनिया को सम्मानजनक भूमिका मिली है, तो दूसरी ओर अलका गुर्जर के जरिए सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश भी दिखाई दे रही है।
पूनिया के लिए खुला दिल्ली का रास्ता
सतीश पूनिया पिछले कुछ समय से सक्रिय संगठनात्मक भूमिका निभा रहे थे। वर्तमान में वह हरियाणा भाजपा के प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। हरियाणा और दिल्ली के चुनावों में पार्टी की रणनीति को जमीन पर उतारने में उनकी भूमिका को भाजपा नेतृत्व ने महत्वपूर्ण माना।
इसी वजह से लंबे समय से यह चर्चा चल रही थी कि पार्टी उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। अब राज्यसभा उम्मीदवार घोषित कर भाजपा ने उन चर्चाओं पर मुहर लगा दी है।
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अलका गुर्जर पर भरोसा, कई संदेश एक साथ
भाजपा ने दूसरी सीट के लिए अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाकर भी बड़ा संदेश दिया है। वर्तमान में वह पार्टी की राष्ट्रीय सचिव हैं और दिल्ली भाजपा की सह-प्रभारी की जिम्मेदारी निभा रही हैं।
अलका गुर्जर 2013 से 2018 तक दौसा जिले की बांदीकुई विधानसभा सीट से विधायक रह चुकी हैं। संगठन और चुनावी राजनीति दोनों में सक्रिय भूमिका निभाने का उन्हें लाभ मिला है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला महिला प्रतिनिधित्व के साथ-साथ गुर्जर समाज को भी मजबूत राजनीतिक संदेश देता है।
तीन सीटें खाली, भाजपा दो पर मजबूत
राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, भाजपा सांसद राजेंद्र गहलोत और कांग्रेस सांसद नीरज डांगी का कार्यकाल 20 जून को समाप्त हो रहा है, जिसके कारण ये सीटें रिक्त हो रही हैं।
विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए भाजपा दो सीटें जीतने की मजबूत स्थिति में है। इसी राजनीतिक गणित को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने दो उम्मीदवारों की घोषणा की है। तीसरी सीट को लेकर अब कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों की रणनीति पर नजरें टिक गई हैं।
8 जून तक नामांकन, 18 जून को मतदान
राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार 8 जून तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्र विधानसभा भवन के कक्ष संख्या-106 में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक जमा किए जाएंगे।
नामांकन पत्रों की जांच 9 जून को होगी, जबकि 18 जून को मतदान और मतगणना दोनों एक ही दिन संपन्न होंगे। इसी दिन यह भी तय हो जाएगा कि राजस्थान से संसद के उच्च सदन में कौन-कौन पहुंचेगा।
भाजपा की घोषणा के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि तीसरी सीट पर कौन उतरेगा और क्या चुनाव में कोई नया राजनीतिक समीकरण देखने को मिलेगा।
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