CBSE में भूचाल, चेयरमैन-सेक्रेटरी हटाए गए, OSM सिस्टम पर बवाल के बीच साइबर अटैक से हिला पोर्टल | संसद की स्थायी समिति में बोर्ड की जमकर क्लास

CBSE में बड़ा विवाद सामने आया है। OSM प्रणाली पर सवालों के बीच चेयरमैन और सेक्रेटरी को हटाया गया। साइबर अटैक से पोर्टल प्रभावित हुआ और संसद की समिति में बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे।

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नई दिल्ली 

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में मंगलवार को अचानक बड़ा भूचाल आ गया। ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर उठे विवाद, छात्रों की शिकायतें और कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच बोर्ड के चेयरमैन और सेक्रेटरी को पद से हटाए जाने की खबर ने पूरे शिक्षा तंत्र में हलचल मचा दी।

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मामला सिर्फ प्रशासनिक फेरबदल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसी दिन CBSE का री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन पोर्टल साइबर हमले की चपेट में आ गया। बोर्ड के अनुसार, पोर्टल पर कुछ ही मिनटों में लगभग 15 लाख एक्सेस हिट्स दर्ज किए गए, जबकि सिस्टम फाइलों तक अनधिकृत पहुंच के लिए एक लाख से अधिक कोशिशें की गईं। भारी दबाव और हमले के बावजूद दोपहर 3 बजे तक 16 हजार से अधिक छात्रों ने आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली।

यह पोर्टल पहले सोमवार से शुरू होना था, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे मंगलवार को सक्रिय किया गया। शुरुआत के साथ ही सिस्टम पर दबाव और साइबर अटैक ने स्थिति को और जटिल बना दिया।

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इसी बीच, CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से प्रभावित 12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत ने संसद की स्थायी समिति के सामने पेश होकर पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने OSM प्रक्रिया के लागू होने और इसके टेंडर में कथित अनियमितताओं को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी और कहा कि उनके विश्लेषण के अनुसार इसमें कई गंभीर विसंगतियां मौजूद हैं।

संसदीय समिति की बैठक में इस मुद्दे पर तीखी चर्चा देखने को मिली। सूत्रों के अनुसार, समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने CBSE अधिकारियों से सीधे सवाल दागे कि कॉपियों की नई जांच प्रक्रिया इतनी जल्दबाजी में क्यों लागू की गई, क्या इसे बेहतर तैयारी के साथ अगले साल तक टाला नहीं जा सकता था, और क्या इससे छात्रों के भविष्य पर जोखिम नहीं बढ़ गया?

बैठक के दौरान बोर्ड अधिकारियों को कई कठिन सवालों का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि सदस्यों ने CBSE से पूरी प्रक्रिया पर लिखित जवाब भी मांगा है।

इसी दौरान भाजपा सांसद भीम सिंह की एक टिप्पणी भी चर्चा में रही, जिसमें उन्होंने छात्र की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि यदि सिस्टम इतना जटिल है तो उस छात्र को ही सहायक बना लिया जाए।

फिलहाल CBSE पर एक साथ प्रशासनिक फेरबदल, तकनीकी संकट और संसदीय जांच—तीनों मोर्चों पर दबाव बना हुआ है। OSM प्रणाली को लेकर उठे सवाल और साइबर अटैक की घटना ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है, जबकि शिक्षा मंत्रालय और बोर्ड से आगे स्पष्ट जवाबों की उम्मीद की जा रही है।

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