नई हवा ब्यूरो | जयपुर
जयपुर के आमागढ़ में भगवा झंडे को फाड़ने को लेकर टकराव बढ़ता जा रहा है। भाजपा के राज्य सभा किरोड़ीलाल मीणा ने एक अगस्त को मंदिर में पहुंच कर पूजा अर्चना कर झंड़ा फहराने का ऐलान किया है। वहीं विवाद में घिरे गंगापुर सिटी के विधायक रामकेश मीणा ने भी कहा है कि वे भी एक अगस्त को आमागढ़ पहुंचेंगे।
आमागढ़ में किरोड़ी मीणा और रमेश मीणा के बीच टकराव बढ़ने की आशंकाओं को देखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीसीपी नॉर्थ परिस देशमुख आमागढ़ पहुंच गए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ फ्लैग मार्च निकाला। उन्होंने कहा कि आमागढ़ वन क्षेत्र है और यहां पर किसी को आने की अनुमति नहीं है। उन्होंने लोगों से भी बातचीत कर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
चेतक, क्यूआरटी, एसटीएफ की टीमें शामिल
फ्लैग मार्च में पुलिस के चेतक वाहन ,वज्र ,अग्निवर्षा ,क्यू आर टी ,एसटीएफ एवं बसें शामिल थी । यह फ्लैग मार्च सूरजपोल अनाज मंडी से शुरू होकर गलता गेट तिराहा, ईदगाह कट ,ऋषि गालव नगर ,गणेशपुरी कट ,गलता गेट तिराहा, गोवर्धन पुरी ,ऑटोमोबाइल नगर ,नागतलाई कली का भट्टा ,आरएसी कट ,आमागढ़ चौराहा, वेद पुरी, ट्रांसपोर्ट नगर तिराहा ,नायकों का टीबा ,विद्याधर जी का बाग ,सिसोदिया गार्डन ,घाट के बालाजी होते हुए गलता धाम से वापस सूरजपोल अनाज मंडी पहुंचा।
किरोड़ी मीणा ने की NIA जांच की मांग, कहा-हिंदू ही हैं मीणा जनजाति के लोग
इसी बीच राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा ने एमएलए रामकेश मीणा पर कई गंभीर आरोप लगाए। इस मुद्दे को लेकर डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने मीणा समाज को आपस में लड़वाने और हिंदुओं को लड़वाने की अंतराष्ट्रीय साज़िश करार देते हुए एनआईए (NIA) से जांच की मांग की है। किरोड़ीलाल मीणा (MP Kirori Lal Meena) ने कहा है कि रामकेश मीणा सरकार के दत्तक पुत्र हैं जिन्होंने आमागढ़ दुर्ग मंदिर को अपमानित करने का काम किया है। बाद में मंदिर का ताला लगा दिया गया और चाबी मीणा पुजारी से ले ली गई। मीणा शासक के शिलालेख को भी हटा दिया गया। उन्होंने सरकार से मांग की कि हमारी चाबी दी जाए। ताकि सावन महीने में पूजा अर्चना की जा सके। सावन के महीने में विशेष पूजा-अर्चना होती है। सरकार ने चाबी देने से मना कर दिया और अब सरकार झंडा नहीं फहराने दे रही है। मीणा समाज का शिलालेख गायब कर दिया है। आमागढ़ से भैरू जी की मूर्ति गायब कर दी है।
यह है आमागढ़ का मामला
पिछले दिनों आमागढ़ के किले स्थित मंदिर से धर्मध्वजा को जबरन हटवा दिया गया था। आरोप है यह सब कुछ कांग्रेस समर्थित निर्दलीय विधायक रामकेश मीणा की मौजूदगी में हुआ। इस दौरान झंडे के साथ बेअदबी की गई। बाद में इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इससे हिंदूवादी संगठन नाराज हो गए थे। आमागढ़ की पहाड़ी पर माता का एक मंदिर है। रामकेश मीणा और उनके समर्थकों ने दावा कि ये मीणा समुदाय की देवी का मंदिर है। मीणा ने विरोध के बावजूद चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर फोर्ट में फिर से झंडा लगाया तो वह फिर हटवा देंगे। रामकेश मीणा ने कहा-आदिवासी समुदाय हिंदू नहीं हैं।
रामकेश मीणा पर भी प्रहार
एमएलए रामकेश मीणा पर भी प्रहार करते सांसद किरोड़ीलाल मीणा ने कहा है कि रामकेश ने कहा था कि हम हिंदू नहीं है जबकि समूचे मीणा हिंदू समाज से आते हैं। मीणा पहले हिंदू थे। आगे भी हिंदू रहे हैं। जन्म से मरण तक हिंदू परंपरा का निर्वहन करते हैं। रामकेश मीणा ने हमें पूरे देश में बदनाम करवा दिया। हमारी छवि आहत हो गई। हमारा अपमान किया गया है और हमारी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया गया है। सामाजिक सद्भाव और सौहार्द को बिगाड़ा गया है इसलिए ऐसे एमएलए रामकेश मीणा को गिरफ्तार किया जाए।
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