पुरानी पेंशन को लेकर समायोजित शिक्षा कर्मियों की निगाहें बजट पर, सरकार ने दिखाया नरम रुख—फैसले का इंतजार!

जयपुर 

राजस्थान समायोजित शिक्षा कर्मी संघ (Rajasthan Samyojit Shiksha Karmi Sangh) ने अपने सदस्यों को पत्र जारी कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर सरकार और न्यायपालिका में चल रही लड़ाई की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया है। पत्र में बताया गया है कि सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले की अंतिम सुनवाई जल्द हो सकती है, और संघ को न्यायपालिका से सकारात्मक फैसले की उम्मीद है।

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संघ ने राज्य सरकार को भी आगाह किया कि यदि आगामी 19 फरवरी के बजट में समायोजित शिक्षा कर्मियों को OPS का लाभ नहीं दिया गया या सेवानिवृत्त कर्मियों से वसूली का कोई अव्यावहारिक तरीका अपनाया गया, तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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न्यायिक लड़ाई और सरकारी रुख
समायोजित शिक्षा कर्मी संघ का कहना है कि वे 2012 से इस लड़ाई को कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर लड़ रहे हैं। न्यायपालिका से पहले भी उन्हें दो बार जीत मिली है, और आगे भी वे न्याय मिलने को लेकर आश्वस्त हैं।

संघ ने यह भी बताया कि उन्होंने वित्त मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों से भी मुलाकात कर अपनी मांग रखी है, और सरकार इस मुद्दे पर नरम रुख अपना रही है।

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‘भ्रम फैलाने वालों’ पर संघ का निशाना
संघ ने कुछ लोगों पर आरोप लगाया कि वे संगठन के सदस्यों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। पत्र में कहा गया कि कुछ लोग यह प्रचार कर रहे हैं कि उन्होंने उच्च अधिकारियों से कई दौर की मुलाकात की और कई प्रतिवेदन सौंपे, लेकिन इन दावों के कोई ठोस प्रमाण नहीं दिए जा रहे हैं। संघ ने सवाल उठाया कि अगर वे वास्तव में इतना बड़ा कानूनी शोध कर चुके हैं, तो वे सर्वोच्च न्यायालय में पेश किए गए तथ्यों को सार्वजनिक क्यों नहीं कर रहे?

क्या कहता है संघ?
संघ का मानना है कि अब तक की लड़ाई में वे काफी आगे बढ़ चुके हैं, और यदि सरकार OPS को लागू करने का व्यावहारिक निर्णय नहीं लेती, तो जल्द ही न्यायालय से फैसला उनके पक्ष में आ सकता है।

संघ ने अपने सभी सदस्यों से धैर्य रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही, यह संदेश भी दिया कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे और सरकार या न्यायपालिका से जल्द ही सकारात्मक परिणाम की उम्मीद कर रहे हैं।

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