कोटा
कोटा विश्वविद्यालय (Kota University), कोटा के वाणिज्य एवं प्रबन्ध विभाग द्वारा शुक्रवार को शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार महाकवि सुब्रमण्यम भारती की जंयती के उपलक्ष्य में भारतीय भाषा उत्सव मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए विभागाध्यक्ष डाॅ. मीनू माहेश्वरी ने बताया कि सुब्रमण्यम भारती एक तमिल कवि थे। उनकी कविताओं में राष्ट्रभक्ति कूट-कूट कर भरी हुई है। भारती जी एक कवि होने के साथ-साथ भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में शामिल स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक, पत्रकार तथा उत्तर भारत व दक्षिण भारत के मध्य एकता सेतु के समान थे। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषा उत्सव भाषा की विविधता की सुंदरता का आनंद लेने और उस विविधता में एकता की भावना का अनुभव करने के लिए एक भाषा महोत्सव है।
कार्यक्रम में डाॅ. रामावतार मेघवाल ने बताया कि भारत की सभी भाषाओं की जननी संस्कृत है। उन्होंने बताया कि बच्चों का प्राथमिक शिक्षण यदि मातृ भाषा में होगा, तो उनकी नींव पक्की होगी और बच्चों का अपनी मिट्टी से प्रेम बढ़ेगा। उन्होंने संस्कृत में लिखी गई वाल्मीकि रामायण का उदाहरण देते हुए बताया कि भारत की अन्य प्रान्तीय भाषाओं में भी रामायण को लिखा गया है।
कोटा विश्वविद्यालय, कोटा की वित्त नियंत्रक ने कहा कि हमारी मातृ भाषा से आत्मिक आनन्द व सहजता की अनुभूति होती है। उन्होंने बताया कि विचारों की अभिव्यक्ति हेतु भाषा का सशक्त होना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने अपने वक्तव्य में यह भी बताया कि भारत के संविधान की 8 वीं अनुसूची में 22 भाषाओं का समावेश किया गया है। इस बात पर भी टिप्पणी की, कि आज का हमारा सारा शिक्षण अंग्रेजी माध्यम में है, जो कि हिन्दी में होना चाहिए तथा अंग्रेजी को एक भाषा के रूप में पढ़ाया जाना चाहिये।
राजकीय महाविद्यालय कोटा के प्रो.आदित्य गुप्ता ने कहा कि भाषा को दीवार नहीं सेतु बनाया जाना चाहिए। उन्होंने भारत की प्राचीन भाषाओं के विकास से लेकर भारत की विभिन्न भाषाओं का तथा विदेशी प्राचीन भाषाओं (ग्रीक व लेटिन) तथा आधुनिक भाषाओं को आपस में सम्बन्धित बताया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि हिन्दी के विकास में फिल्म तथा विज्ञापन का भी काफी योगदान रहा है।
पूर्व प्राचार्य प्रो. अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि मनुष्य के चित्त में उभरते हुए चित्रों की अभिव्यक्ति हेतु भाषा का सशक्त होना आवश्यक है। उन्होंने भाषा का महत्त्व बताते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम दो से तीन भाषाएं आनी ही चाहिए। साथ ही यह भी बताया कि जहां-जहां वाणिज्य का विकास होगा वहां भाषा का भी विकास होगा।
कार्यक्रम में डाॅ. एन. एल हेडा ने भारत को उत्सव का देश बताते हुए इस भाषा-उत्सव दिवस का औचित्य समझाया।डाॅ. पूर्वा अग्रवाल ने भए कार्यक्रम में विचार रखे। कार्यक्रम में डाॅ. अनीता सुखवाल, डाॅ.श्वेता व्यास, डाॅ. भानु, डाॅ.सरिता, डाॅ. नीता पारेख आदि उपस्थित रहे। आयोजन में वाणिज्य एवं प्रबन्ध विभाग के विद्यार्थियों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। अन्य विभागों के विद्यार्थी एवं गेस्ट फैकल्टी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक आचार्य डाॅ. आशीष आसोपा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन सहायक आचार्य डाॅ.प्रज्ञा धीर ने किया।
नई हवा की खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।
सतीश पूनिया को BJP ने सौंपी नई जिम्मेदारी
इस स्टेट में असिस्टेंट प्रोफेसर के 562 पदों पर होगी भर्ती | जानें; किस विषय के कितने हैं पद
OMG! रोडवेज बस में वसूला प्रेशर-कुकर और हीटर का किराया, सरकार की हो रही है किरकिरी
नई हवा’ की खबरें नियमित और अपने मोबाइल पर डायरेक्ट प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें
