अहमदाबाद
गुजरात में अहमदाबाद में एक कम्पनी द्वारा बैंक ऑफ इंडिया से 632 करोड़ की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आने के बाद अब उस कम्पनी के खिलाफ CBI ने FIR दर्ज कर ली है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के अधिकारियों ने गुरूवार को इसकी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने अहमदाबाद की कंपनी इलेक्ट्रोथर्म लिमिटेड के छह स्थानों पर तलाशी भी ली। और इसके बाद उसके खिलाफ यह मामला दर्ज किया है।
CBI की विज्ञप्ति के अनुसार कंपनी और इसके निदेशकों ने बैंक की ओर से दिए गए उधार को दूसरे कार्यों में इस्तेमाल किया है। बैंक में जब यह मामला खुला तो बैंक अधिकारीयों ने इसकी शिकायत CBI को की।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ मामला
इलेक्ट्रोथर्म (इंडिया) लिमिटेड, इसके निदेशक मुकेश भंवरलाल भंडारी, प्रबंध निदेशकों शैलेश भंडारी व अविनाश भंडारी और पूर्णकालिक निदेशक नरेंद्र दलाल समेत कुछ अन्य अज्ञात व्यक्ति।
ऐसे कर रही थी पैसे का हेरफेर
सीबीआई ने बताया कि इस कंपनी और इससे जुड़े लोगों ने साल 2012 से 2016 के दौरान बैंक ऑफ इंडिया को 631.97 करोड़ का नुकसान पहुंचाया। उन्होंने बैंक की विभिन्न क्रेडिट सुविधाओं का लाभ उठाते हुए यह धोखाधड़ी की थी। सीबीआई ने बताया कि बैंक द्वारा कराए गए कंपनी के फॉरेंसिक ऑडिट में पता चला है कि कंपनी कथित तौर पर अपनी सब्सिडियरी और समान निदेशकों वाली सहयोगी कंपनियों के माध्यम से बैंक से मिलने वाले पैसे का हेर-फेर कर रही थी।
झूठे बिल जारी करने वाले डीलर भी शामिल
यह कंपनी कथित तौर पर माल की वास्तविक डिलिवरी के बिना झूठे बिल जारी करने के आरोपी संदिग्ध डीलरों के साथ लेनदेन में भी शामिल थी। सीबीआई ने इस मामले में आरोपी व्यक्तियों के अहमदाबाद में स्थित छह स्थानों पर तलाशी ली। एजेंसी को इस दौरान कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं। एजेंसी की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि मामले की जांच जारी है।
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