सुप्रीम कोर्ट ने गृहिणियों के अवैतनिक घरेलू श्रम को आर्थिक मान्यता देते हुए कहा कि वे सिर्फ होममेकर नहीं, बल्कि नेशन बिल्डर हैं। दुर्घटना मुआवजा मामलों में घरेलू देखभाल का मूल्य 30 हजार रुपये प्रतिमाह माना जाएगा।
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रिटायरमेंट से पहले छक्कों की बरसात!| सुप्रीम कोर्ट की दो-टूक टिप्पणी—जज आख़िरी दिनों में क्रिकेट खेलने न उतरें
सुप्रीम कोर्ट ने रिटायरमेंट से पहले जजों द्वारा दिए जा रहे विवादित आदेशों पर तीखी टिप्पणी की। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा—कुछ जज आख़िरी ओवर में बल्लेबाज़ की तरह छक्के मारने लगते हैं।
