राजस्थान हाईकोर्ट ने BNSS की धारा 223 की व्याख्या करते हुए कहा कि अब किसी भी सरकारी अधिकारी के खिलाफ सीधे FIR दर्ज नहीं की जा सकती। पहले अधिकारी को सुनवाई का मौका और वरिष्ठ से तथ्यात्मक रिपोर्ट लेना जरूरी होगा।
राजस्थान हाईकोर्ट ने BNSS की धारा 223 की व्याख्या करते हुए कहा कि अब किसी भी सरकारी अधिकारी के खिलाफ सीधे FIR दर्ज नहीं की जा सकती। पहले अधिकारी को सुनवाई का मौका और वरिष्ठ से तथ्यात्मक रिपोर्ट लेना जरूरी होगा।