डॉ. अलका अग्रवाल की कविता ‘आज की सीता’ आधुनिक नारी की पीड़ा, सामाजिक लांछन, अग्नि परीक्षा और सम्मान के लिए उसके संघर्ष को मार्मिक शब्दों में सामने रखती है।
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होठों पर मुस्कान …
होठों पर मुस्कान’ डॉ. अलका अग्रवाल की एक भावपूर्ण हिंदी कविता है, जो यादों, दर्द, आत्मसंयम और जीवन में मुस्कुराते रहने का प्रेरक संदेश देती है।
