जोधपुर
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे गुरुवार को लम्बे अरसे बाद जोधपुर पहुंची और मारवाड़ की सियासी नब्ज टटोलने की कोशिश की। इस दौरान वसुंधरा से मिलने बड़ी तादाद में कार्यकर्ता सर्किट हाउस पहुंचे।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत की मां के निधन पर संवेदना व्यक्त करने के बाद राजे सर्किट हाउस गई। जहां पर पूरे मारवाड़ से उनके समर्थक और कार्यकर्ताओं की भीड़ मौजूद रही। इसमें पाली, जालोर, सिरोही, जैसलमेर, बाड़मेर से भी भाजपा के नेता उनसे मिलने पहुंचे। राजे के दौरे के दौरान जोधपुर संगठन में साफ गुटबाजी नजर आई। सर्किट हाउस से वसुंधरा राजे महिपाल मदेरणा के निधन पर शोक संवेदना प्रकट करने पहुंची। चाड़ी पहुंचने तक कई जगह वसुंधरा का स्वागत हुआ।
राजे की बॉडी लैंग्वेज बता रही थी कि वह इतनी आसानी से राजस्थान का मैदान छोड़ने वाली नहीं। सर्किट हाउस में वसुंधरा ने सभी से दिल खोलकर मुलाकात की। उन्होंने किसी को नाम लेकर बुलाया तो किसी को पास बुला हाल पूछे। वसुंधरा में नजर आए इस बदलाव ने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ा दिया। इस दौरान नारेबाजी भी की गई।
मिट गई थकान राजे समर्थकों की
केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत व वसुंधरा राजे के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता जगजाहिर है। ऐसे में जोधपुर में वसुंधरा समर्थक लंबे अरसे से स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे थे। पर आज वसुंधरा राजे के पहुंचने से इन उपेक्षित कार्यकर्ताओं की थकान मिट गई। वसुंधरा राजे के खेमे के कार्यकर्त्ता पार्टी के आयोजनों में भी नाममात्र की नाममात्र की भागीदारी निभा औपचारिकता पूरी कर रहे थे।
कार्यकर्ताओं को किया संबोधित
सर्किट हाउस में राजे ने कार्यकर्ताओं का छोटा सा संबोधन भी दिया। जहां कार्यकर्ताओं ने उनके सीएम होने के नारे भी लगाए। जिसके बाद वह पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा के निधन पर उनके परिवार को शोक जताने के लिए चाडी के लिए रवाना हुई। ओसियां, लोहावट और शेरगढ के रास्ते में राजे का कई जगह पर कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों में गत चुनाव में वसुंधरा समर्थकों को ही प्रत्याशी बनाया गया था। लेकिन तीनों हार गए। इनमें शेरगढ और लोहावट में हाल ही में हुए पंचायत चुनावों में भाजपा को बुरी तरह से हार का मुंह देखना पड़ा।
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