बीकानेर
चप्पल से नकल कराने वाली गैंग से बीकानेर पुलिस ने एक ऐसी हाईटैक मशीन बरामद की है जिसे देख कर आप भी दंग रह जाएंगे। इस मशीन से एकसाथ 32 मोबाइल को कनेक्ट कर नक़ल कराई जा सकती है। नकल करने वाली गैंग इसी मशीन के जरिए अपने मिशन को अंजाम देती थी। इस मशीन से ही सामने वाले का कॉल ऑन व ऑफ होता है। अब पुलिस ने यह मशीन तो बरामद कर ली है लेकिन इसको बनाने वाले और गिरोह के असल सरगना तुलसाराम कालेर और उसके भतीजे पौरव कालेर को वह अभी तक ढूंढ़ नहीं पाई है।
दरसल शनिवार को पुलिस ने बीकानेर में जिस नकल गिरोह को पकड़ा, उसके तार REET परीक्षा से भी जुड़ रहे हैं। और इस नकल गिरोह का तानाबाना बुनने वाला REET नक़ल गिरोह का सरगना तुलसाराम कालेर है जो तभी से फरार है और अब पटवार भर्ती परीक्षा के दौरान उसका भतीजा पौरव कालेर भी पुलिस की पकड़ से भाग निकला। लेकिन पौरव कालेर की पत्नी भावना को गिरफ्तार कर लिया।
इसी गिरोह से पुलिस ने 32 फोन एक साथ कनेक्ट करने वाली मशीन, 2 ब्लू टूथ के रूप में काम करने वाली मक्खी, चिमटी, कुछ अभ्यर्थियों के नाम व रोल नंबर बरामद किए हैं। हैं। तुलसाराम ने चप्पल में नकल का सामान फिट करने का कारनामा किया था। और उसी गिरोह ने नकल कराने वाली यह हाईटैक मशीन तैयार की है।
मीडिया तक पहुंचीं रिपोर्ट्स के अनुसार इस नकल करने वाली मशीन की खासियत है कि इसी से एक साथ 32 लोगों को कॉल किया जा सकता है, लेकिन जिसके पास कॉल जाएगा, उसे न तो रिसीव करने की जरूरत है, न फोन काटने की।
मशीन में लगा है एक मास्टर मोबाइल
इस मशीन में एक मास्टर मोबाइल लगा है जिससे सभी नंबर पर अलग-अलग कॉल किया जाता है। मशीन में वॉयस इनपुट का एक ही रास्ता दिया गया है। 32 मोबाइल के साथ इस मास्टर मोबाइल से इसमें आवाज दी जाती है, जो परीक्षा सेंटर पर चीटिंग करने वाले अभ्यर्थी के ब्लू टूथ पर पहुंच जाती है। उसके मोबाइल में कॉल जाते ही ऑटो सिस्टम से वो ऑन हो जाता है। इसके बाद इस मशीन पर बैठा व्यक्ति जो भी बोलता है, उसे ब्लू टूथ रखने वाला सुन सकता है।
शक हुआ तो मशीन का नया वर्जन बना दिया
नकल गिरोह पहले भी इस हाईटैक मशीन से नकल करता था। लेकिन अब उसने इस नै मशीन में थोड़ा बदलाव किया है क्योंकि पहले चीटिंग करने वाला बोलता था जिससे शक हो जाता था और अब नए वर्जन में इसकी गुंजाइश ख़त्म हो गई है। अब मशीन से उत्तर देने वाला शख्स हर प्रश्न का अलग-अलग तरीके से उत्तर बताता है।
ब्लूटूथ पर आवाज तब सुनाई देती है जब मोबाइल से ही कॉल रिसीव की जाती है। बीकानेर की इस गैंग ने इससे बचने के लिए मोबाइल से कुछ अलग तरह का उपकरण तैयार कर लिया जिसे महिलाएं अपने सेनेटरी नेपकिन में भी छिपा सकती हैं।
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