भरतपुर
भरतपुर के कच्चे परकोटे पर रहने वालों के लिए पट्टा दिलाने को संघर्ष कर रही कच्चा परकोटा नियमन संघर्ष समिति को मंगलवार स्थानीय कांग्रेस नेताओं का भी साथ मिल गया। कच्चा परकोटा नियमन संघर्ष समिति ने प्रशासन शहरों के संग अभियान 2021 में परकोटे पर पट्टे नहीं दिए जाने के विरोध में मैरिज होम गार्डन में एक आम सभा आयोजित की थी जिसमें कांग्रेस के कई स्थानीय नेता शामिल हुए। इसमें उन्होंने घोषणा की कि वे भी इस आंदोलन में उनके साथ हैं और वे मुख़्यमंत्री से आग्रह करेंगे कि प्रशासन शहरों के संग अभियान 2021 के दौरान ही परकोटे के लोगों को पट्टे दिए जाएं।
इस बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठजनों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। सभी कांग्रेसजनों ने एकराय होकर संघर्ष समिति को आश्वासन दिया कि हम सभी कांग्रेसजन परकोटे के पट्टों के प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री राजस्थान को अवगत कराएंगे और राज्य सरकार से हर संभव पट्टे इन्हीं अभियानों में दिलाने का प्रयास करेंगे।
आम सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता साहब सिंह चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश भर में दस लाख पट्टे दे रही है तो सरकार को भरतपुर शहर के परकोटे पर रहने वाले लोगों को भी पट्टे देने चाहिए। उन्होंने परकोटे के प्रकरण को राज्य सरकार के समक्ष रखने की बात कही।
नगर निगम के उप महापौर गिरीश चौधरी ने कहा कि राजस्थान की सरकार गरीब मजदूरों की सरकार है। राज्य सरकार को परकोटे के ऊपर रहने वाले लोगों के हित को देखते हुए पट्टे देने एवं उक्त प्रकरण के तथ्यों को राज्य सरकार के समक्ष रखने का सुझाव दिया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य धर्मेन्द्र शर्मा ने कहा कि परकोटे पर रहने वाले लोगों के साथ भेदभाव व पक्षपात नहीं होने दिया जाएगा। उक्त प्रकरण को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाकर पट्टे दिलाने की कार्यवाही करायी जाएगी।
कांग्रेस किसान नेता यदुनाथ दारापुरिया ने कहा कि राज्य सरकार व प्रशासन परकोटे के निवासियों के संघर्ष को हल्के में ले रहा है जिसके कारण परकोटे पर रहने वाले लोगों को पट्टे नहीं देकर सरकार की जन कल्याणकारी योजना से वंचित किया जा रहा है। जिसके विरोध में सभी को मिलकर संघर्ष का रास्ता अख्त्यार करना पड़ेगा। मनोनीत पार्षद एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रमेश पाठक एवं रमेश धावई ने कहा कि सरकार को इन गरीब, मजदूर परकोटे निवासियानों की समस्या पर ध्यान देना चाहिए। सरकार का ध्यान आकर्षण करने के लिए कांग्रेस पार्टी एवं संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधि मण्डल सरकार से मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कच्चे परकोटे का संघर्ष एक जन आन्दोलन है जिसकी मांग को सरकार द्वारा माना जाना चाहिए।
पार्षद मुकेश पप्पू, शैलेष पाराशर, भूपेन्द्र पण्डा, अशोक लवानिया आदि ने संघर्ष समिति के आन्दोलन को पूर्ण समर्थन देते हुए कहा कि सरकार परकोटे पर रहने वाले लोगों को शीघ्र पट्टे देने की कार्यवाही करे। संघर्ष समिति के कैप्टन प्रताप सिंह, राजवीर चौधरी, अबरार कुरेशी आदि ने सुझाव दिया कि संघर्ष समिति को पट्टे नहीं मिलने पर आन्दोलन को तेज किया जाए।
बैठक के प्रारंभ में पूर्व नेता प्रतिपक्ष इन्द्रजीत भारद्वाज ने संघर्ष की पृष्ठभूमि रखते हुए कहा कि प्रशासन शहरों के संग अभियान 2021 का परकोटे पर रहने वाले लगभग 2000 परिवारों को लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिसको लेकर परकोटे निवासियानों में गहरा रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत परकोटे पर रहने वाले लोगों को शुरू से ही पट्टे दिलाने के पक्षधर रहे हैं लेकिन किन कारणों से परकोटे के पट्टे देने की कार्यवाही रोकी गई है, यह समझ से परे है। उन्होंने चेतावनी दी कि परकोटे के पट्टे नहीं दिए तो परकोटे निवासियान धरना प्रदर्शन कर आन्दोलन करेंगे। उन्होंने सभी वरिष्ठ कांग्रेसजनों से अनुरोध किया कि कच्चे परकोटे पर रहने वाले लोगों का पक्ष मुख्यमंत्री एवं स्वायत्त शासन मंत्री आदि के समक्ष मजबूती से रखें।
मुख्यमंत्री से मिलेगा प्रतिनिधि मण्डल
आम सभा में सर्वसम्मति से निर्णय किया गया कि कांग्रेसजन एवं संघर्ष समिति के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधि मण्डल शीघ्र ही प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं अन्य मंत्रियों मुलाकात कर पट्टे दिलाने की मांग करेगा। अन्त में संघर्ष समिति के संयोजक ने सभी का आभार व्यक्त किया। आम सभा के प्रारंभ में संघर्ष समिति के संयोजक जगराम धाकड़ ने सभी अतिथियों का माला पहनाकर स्वागत किया। उप संयोजक श्रीराम चन्देला ने स्वागत भाषण पढ़ा। मंच का संचालन रेणुदीप गौड ने किया।
आम सभा में योगेश उपमन, समन्दर सिंह, हरीसिंह कश्यप, ओमप्रकाश मिश्रा, मानसिंह, कालीचरन, नरेश शर्मा, प्रहलाद गुप्ता, विजय सिंह, साहब सिंह, देवीसिंह, बॉबी सहित अनाह गेट, कुम्हेर गेट, चांदपोल गेट, गोवर्धन गेट, देहली गेट, जघीना गेट, सूरजपोल, मथुरा गेट, बीनारायण गेट, अटलबंद, नीमदा गेट आदि परकोटे निवासियान मौजूद थे।
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