JJM घोटाला: कोर्ट पहुंचते ही सुबोध अग्रवाल ने लिया सुधांशु पंत का नाम | ‘600 करोड़ उनके समय के… हम पर क्यों निशाना?’

JJM घोटाले (JJM Scam) में सुबोध अग्रवाल (Subodh Agarwal IAS) ने कोर्ट से पहले सुधांशु पंत (Sudhanshu Pant) का नाम लेकर जांच पर सवाल उठाए। 600 करोड़ के प्रकरणों का दावा, ACB की रिमांड खत्म होने के बाद मामला और गरमाया।

नई दिल्ली 

जयपुर में 960 करोड़ के जल जीवन मिशन घोटाले की जांच आज अचानक नए मोड़ पर आ गई, जब रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल ने कोर्ट में पेशी से पहले सीधे सुधांशु पंत का नाम ले लिया। तीन दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद जैसे ही उन्हें एसीबी कोर्ट में पेश किया गया, उन्होंने जांच की दिशा पर ही सवाल खड़े कर दिए।

सुबोध अग्रवाल ने पेशी से पहले मीडिया से बातचीत में दावा है कि फाइनेंस कमेटी के 37 मामलों में से केवल 4 उनके कार्यकाल के हैं, जबकि 33 प्रकरण सुधांशु पंत के समय के हैं—और इनकी राशि करीब 600 करोड़ रुपए बैठती है। यानी घोटाले का बड़ा हिस्सा उनके पहले के दौर से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने साफ कहा—उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया, हर सवाल का जवाब दिया, लेकिन कार्रवाई एकतरफा हो रही है। उनका सबसे तीखा बयान रहा—’जिसमें पैसा नहीं लिया उसका नाम ले रहे हो, जिसमें पैसा लिया उसकी जांच नहीं कर रहे।’

गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में एसीबी ने 5 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने सिर्फ 3 दिन की मंजूरी दी थी। इन्हीं तीन दिनों में 125 सवालों की लंबी सूची के आधार पर पूछताछ की गई। अब रिमांड खत्म होने के बाद एसीबी फिर से आगे की रिमांड या न्यायिक हिरासत की मांग कर सकती है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद मामला अब सिर्फ 960 करोड़ के घोटाले तक सीमित नहीं रहा—बल्कि यह ‘किसके समय में कितना खेल हुआ’ की सीधी लड़ाई बन गया है।
आज कोर्ट का फैसला तय करेगा कि जांच का रुख और किस दिशा में मुड़ता है… और क्या अब नए नाम भी आधिकारिक तौर पर जांच के दायरे में आएंगे।

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