अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने ACS अखिल अरोड़ा से मुलाकात कर 33 हजार संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण, तबादले, वेतन, भत्ते और वसूली रोकने सहित कई मांगें रखीं।
जयपुर। राजस्थान के शिक्षकों से जुड़े कई लंबित मुद्दों को लेकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा से मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में हुई इस वार्ता में शिक्षकों की नियुक्ति, नियमितीकरण, तबादले, वेतन, भत्ते और विभिन्न वसूली से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
महासंघ के महामंत्री महेंद्र लखारा ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के सामने शिक्षकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय रखे। इनमें सबसे अहम मांग 33 हजार संविदा शिक्षकों को प्रबोधकों की तर्ज पर नियमित करने की रही।
स्टाफिंग पैटर्न से लेकर शिक्षकों की नियुक्ति तक
महासंघ ने शिक्षा विभाग में स्टाफिंग पैटर्न लागू कर विद्यार्थियों के अनुपात के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग रखी। संगठन का कहना है कि इससे स्कूलों में शिक्षक उपलब्धता को जरूरत के मुताबिक व्यवस्थित किया जा सकेगा।
इसके साथ ही 33 हजार संविदा शिक्षकों को प्रबोधकों की तरह नियमित करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
TSP और Non-TSP शिक्षकों के समायोजन की मांग
वार्ता में TSP क्षेत्र में कार्यरत तृतीय और द्वितीय श्रेणी के शिक्षकों के Non-TSP क्षेत्र में समायोजन का मुद्दा भी रखा गया। वहीं Non-TSP क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों को उनके गृह जिलों में स्थानांतरित करने की मांग की गई। महासंघ ने शिक्षक कल्याण बोर्ड के गठन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने की मांग भी रखी।
31 दिसंबर के बाद नियुक्त शिक्षकों के परिलाभ का मुद्दा
महासंघ ने 31 दिसंबर के बाद नियुक्त शिक्षकों को न्यायालय के निर्णय के अनुसार प्रथम नियुक्ति तिथि से ग्रीष्मावकाश सहित सभी परिलाभ देने की मांग उठाई।
इसके अलावा वेतन व्यवस्था वाले शिक्षकों से शहरी मकान किराया भत्ता के नाम पर की जा रही वसूली रोकने के आदेश जारी करने की मांग भी सामने रखी गई।
B.Ed. इंटर्नशिप और वेतन कटौती पर भी चर्चा
सेवारत शिक्षकों के B.Ed. के दौरान इंटर्नशिप में बिताए समय का पूर्ण वेतन देने और इस संबंध में जारी वसूली के आदेश वापस लेने की मांग की गई।
महासंघ ने शिक्षकों से विभिन्न प्रकार की वसूली रोकने और उन्हें पे-प्रोटेक्शन देने का मुद्दा भी सरकार के सामने रखा।
सरकार ने मांगों पर विचार का भरोसा दिया
महासंघ के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल की ओर से रखे गए विषयों पर अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा ने सहानुभूति पूर्वक विचार करने के लिए उन्हें लिए जाने पर सहमति जताई।
वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा, महामंत्री महेंद्र लखारा, अतिरिक्त महामंत्री बसन्त जिन्दल और प्रदेश कोषाध्यक्ष कैलाश कच्छावा शामिल रहे।
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