नई दिल्ली
कोरोना संक्रमण (Covid-19) की रफ्तार थमने के बाद दुबई (Dubai) ने भारत समेत कई दूसरे देशों से आने वाले अपने निवासियों के लिए यात्रा प्रतिबंधों में ढील का ऐलान किया है। हालांकि दुबई जाने वालों के लिए कई शर्तें रखी गई हैं। नए प्रोटोकॉल के अनुसार दुबई आने वाले लोगों के लिए वैध रिहायशी वीजा और यूएई द्वारा मान्य कोविड-19 टीके की दोनों डोज लेना जरूरी होगा। यूएई में फिलहाल चार वैक्सीन अप्रूव हैं। ये वो वैक्सीन होनी चाहिए जिसे यूएई की सरकार ने मंजूरी दी है। आपको बता दें कि संयुक्त अरब अमीरात ने दूसरी लहर के आने के बाद अप्रेल के अंत से भारत से आने वाली यात्री उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया था।
जानकारी के अनुसार दुबई में संकट और आपदा प्रबंधन की सर्वोच्च समिति ने दक्षिण अफ्रीका, नाइजीरिया और भारत से आने वाले यात्रियों के संबंध में दुबई के यात्रा प्रोटोकॉल का ऐलान किया है। इस समिति की अगुवाई शेख मंसूर बिन मोहम्मद बिन राशिद मख्तूम कर रहे हैं।
इन वैक्सीन को मिली है मंजूरी
भारत से आने वाले यात्रियों के पास वैध रेसिडेंस वीज़ा होना जरूरी है। इसके अलावा सिर्फ ऐसे लोगों को यात्रा की इजाजत दी जाएगी जिसने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज़ ली हो। यूएई सरकार ने जिन चार टीकों को मान्यता दी है, उनमें सिनोफार्मा, फाइजर-बायोनटेक, स्पूतनिक-वी और ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका का टीका शामिल है। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका और नाइजीरिया से आने वाले नॉन रेसिडेंस पैसेंजर के लिए वैक्सीन के साथ-साथ PCR टेस्ट भी जरूरी है। 48 घंटे पहले किए गए टेस्ट ही मान्य होंगे। साथ ही टेस्ट की रिपोर्ट नेगेटिव होनी चाहिए।
दुबई पहुंचने पर कराना होगा आरटी-पीसीआर टेस्ट
भारत से दुबई जाने वाले यात्रियों को रवाना होने से चार घंटे पहले एक रैपिड पीसीआर टेस्ट से करनवाना होगा। दुबई पहुंचने पर उन्हें एक और आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाना होगा। इसके साथ ही भारत से आने वाले यात्रियों को तब तक संस्थागत क्वारंटाइन से गुजरना होगा, जब तक कि वे अपनी पीसीआर टेस्ट रिजल्ट प्राप्त नहीं कर लेते, जो 24 घंटों के भीतर मिलना अपेक्षित है। दुबई में शेख मंसूर बिन मोहम्मद बिन राशिद मख्तूम की अगुआई वाली संकट एवं आपदा प्रबंधन की सर्वोच्च समिति ने नए नियमों के 23 जून से प्रभावी होने की घोषणा की है।
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