रामेश्वरी देवी कन्या महाविद्यालय भरतपुर में अंतरराष्ट्रीय सीपीआर दिवस पर छात्राओं और संकाय सदस्यों को जीवनरक्षक CPR प्रशिक्षण दिया गया। डमी पर कराया गया अभ्यास।
भरतपुर। आपात स्थिति में समय पर की गई मदद किसी की जिंदगी बचा सकती है, लेकिन इसके लिए सही जानकारी और प्रशिक्षण जरूरी है। इसी उद्देश्य से रामेश्वरी देवी कन्या महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सीपीआर दिवस के उपलक्ष्य में छात्राओं एवं संकाय सदस्यों के लिए जीवनरक्षक सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को सीपीआर की प्रक्रिया समझाने के साथ डमी पर इसका व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।
कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. मधु शर्मा के निर्देशन में हुआ, जबकि अध्यक्षता अकादमिक प्रभारी डॉ. निशा गोयल ने की। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने सीपीआर का अर्थ, इसके उपयोग और आपात स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया की जानकारी दी।
हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट का अंतर समझाया
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सुश्री करिश्मा सिंह ने सीपीआर का अर्थ समझाते हुए कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक के बीच अंतर के बारे में विस्तार से बताया। वहीं, सुश्री प्रीति मौर्य ने कार्डियक अरेस्ट के दौरान सीपीआर की संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी दी।
इसके बाद विकास कुमार ने डमी के माध्यम से सीपीआर का प्रदर्शन कर इसके विभिन्न चरणों को समझाया। प्रदर्शन से प्रेरित होकर छात्राओं ने स्वयं डमी पर सीपीआर का अभ्यास किया और इस जीवनरक्षक तकनीक को व्यावहारिक रूप से सीखा। सुश्री निधि ने सीपीआर से जुड़ी भ्रांतियों और मिथकों को दूर करते हुए इसकी सही जानकारी दी।
‘सीपीआर का ज्ञान किसी को नया जीवन देने का माध्यम’
कार्यक्रम में एनएसएस प्रभारी योगेंद्र सिंह ने कहा कि सीपीआर का ज्ञान केवल एक कौशल नहीं, बल्कि किसी को नया जीवन देने का माध्यम है। उन्होंने इसके महत्व को समझाते हुए ऐसी जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. निशा गोयल ने कहा कि सीपीआर एक ऐसी जीवनरक्षक तकनीक है, जिसका सही समय पर उपयोग किसी की अनमोल सांसों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने महाविद्यालय में इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित करते रहने की आवश्यकता भी बताई।
इनकी रही कार्यक्रम में सहभागिता
कार्यक्रम का संचालन सुश्री अंशुलता बंसल ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सुश्री अंजू मीना ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ. अलका गोयल, डॉ. सरोज, जगदीश कुमार, दीवान सिंह, श्रीमती मुक्ता शर्मा, हरीश स्वर्णकार, नीरज सिंह राठौर, हितेश धाभाई, सुश्री अनुश्री मीणा और सुधीर कुमार सहित छात्राएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं एवं संकाय सदस्यों को सीपीआर की उपयोगिता समझने और आपात स्थिति में जीवन बचाने के लिए आवश्यक व्यावहारिक जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।
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