जयपुर
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ विधायक कैलाश मेघवाल द्वारा एक चिट्ठी में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया पर लगाए गए आरोपों पर भाजपा हाईकमान ने संज्ञान लिया है और कहा है कि पार्टी ऐसे बयानों को ठन्डे बास्ते में नहीं डालेगी।
दो दिन के दौरे पर जयपुर आए पार्टी के प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने मेघवाल को ऐसे आरोप लगाने से बचने की सलाह दी है। अरूण सिंह ने कहा कि मैं उनसे बात करूंगा कि आखिर उन्होंने यह चिठ्ठी क्यों लिखी। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से पार्टी को नुकसान होता है और उन लाखों कार्यकर्ताओं को ठेस पहुंचती है जिन्होंने मेहनत करके पार्टी को आगे बढ़ाया है।
आपको बता दें कि कैलाश मेघवाल की ओर से गुलाबचंद कटारिया के खिलाफ लिखे लेटर पर पार्टी में बवाल खड़ा हो गया है। इस लेटर में उन्होंने कटारिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष पद से हटाने की मांग की थी।
यह मामला जब भाजपा के प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह के संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने मेघवाल को आगाह करते हुए कहा कि ऐसे बयानों को पार्टी ठंडे बस्ते में नहीं डालने वाली है। सही समय आने पर ध्यान रखा जाएगा। इस तरह की बयानबाजी से पार्टी को नुकसान होता है। सिंह ने कहा कि पार्टी इस तरह के बयानों पर संज्ञान ले रही है और भविष्य में ऐसे बयानों को ध्यान में रखेगी। पार्टी इस तरह के बयानों को ठंडे बस्ते में नहीं डालने वाली।
‘जिन्हें सब कुछ मिल गया, उनको संभल कर बोलना चाहिए’
अरुण सिंह ने कहा- मैंने मेघवाल का पत्र देखा नहीं है, लेकिन उसके बारे में सुना जरूर है। अरुण सिंह ने कहा कि मेघवाल बहुत सीनियर व्यक्ति हैं। इतना जरूर सबको ध्यान रखना चाहिए पार्टी सर्वोपरि है। पार्टी के हितों का नुकसान न हो। लाखों कार्यकर्ता ऐसे हैं, जिन्हें कुछ नहीं मिला है और वे दिन रात काम कर रहे हैं। जिन्हें विधायक, सांसद सहित सब पद मिल गए, ऐसे लोग जब बोलते हैं तो कार्यकर्ताओं के मन में ठेस पहुंचती है। पहले व्यक्ति को अपने बारे में नहीं पार्टी के बारे में सोचना चाहिए।
जो नेता बयान दे रहे हैं उन सभी पर संज्ञान
अरुण सिंह ने कहा पिछले कुछ दिनों और महीनों से जो नेता बयान दे रहे हैं, हम उन सभी का संज्ञान ले रहे हैं। ऐसे बयानों पर सही समय पर पार्टी सही फैसला करेगी। ऐसे बयानों को नोट भी किया जा रहा है।
अरुण सिंह ने लिया फीडबैक
अरुण सिंह ने कैलाश मेघवाल के लेटर विवाद पर फीडबैक लिया। उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचदंद कटारिया से भी इस मामले में फोन पर बात की है।
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