जयपुर
राजस्थान के शिक्षा विभाग में कार्यरत तृतीय श्रेणी के शिक्षकों (Grade III teachers) की एक और बड़ी राहत देने वाली खबर आ रही है। अब डार्क जोन के तृतीय श्रेणी शिक्षकों का वनवास खत्म होने वाला है। राजस्थान सरकार ने उनके भी तबादले करने की छूट दे दी है। यानी अब डार्क जोन में कार्यरत शिक्षकों के भी तबादले हो सकेंगे।
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा (Education Minister Govind Singh Dotasara) ने डार्क जोन (Dark ZOne) में काम कर रहे थर्ड ग्रेड शिक्षकों को राहत देते हुए कहा है कि जनता की लोकप्रिय सरकार इन शिक्षकों के भी तबादले करेगी। उन्होंने कहा कि तबादले किस आधार पर और किस नियम के तहत होंगे, इसको लेकर अधिकारियों के साथ लगातार बैठकों का दौर जारी है। टीएसपी और नॉन टीएसपी का जो मसला है उसको लेकर भी विभाग के अधिकारी मंथन करने में लगे हुए हैं। विधवा, परितयक्ता, विकलांग शिक्षकों आदि को लेकर भी विभाग गाइडलाइन तैयार करेगा। उसके बाद तबादले किए जाएंगे। 15 सितम्बर से पहले सभी शिक्षकों को तबादलों की सौगात मिलेगी
डोटासरा ने कहा कि इन प्रतिबंधित जिलों में कार्यरत तृतीय श्रेणी की शिक्षकों के तबादले अन्य जिलों में किए जाएंगे, लेकिन पहले हम पदों का आकलन करेंगे। उसके बाद इस पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों से जुड़े रविवार के आदेश में पहले इसका खुलासा नहीं किया गया था, लेकिन अब डार्क जोन में पदस्थापित शिक्षकों के लिए भी स्थिति साफ कर दी गई है। इससे बरसों से इन इलाकों में नौकरी कर रहे शिक्षक भी अपने घर या फिर उसके आसपास के स्कूल में स्थानांतरित हो सकेंगे।
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11 साल से लगा था तबादलों पर प्रतिबन्ध
आपको बता दें शिक्षा विभाग ने राजस्थान के 10 जिलों को डार्क जोन घोषित कर इनसे 23 जिलों में और 23 अन्य जिलों से इन 10 जिलों में शिक्षक ग्रेड 3 के तबादलों पर करीब 11 साल से रोक लगा रखी है। तबादलों पर इस रोक का कारण इन 10 जिलों में बड़ी संख्या में पद रिक्त होना बताया गया था। इस व्यवस्था के कारण इन 10 जिलों में लगे शिक्षक अपने गृह जिलों में नहीं जा पा रहे थे। अब रोक हटने के कारण इन्हें राहत मिल सकेगी। तकरीबन 11 साल पहले पूर्व शिक्षामंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल के समय इनके तबादले किए गए थे, उसके बाद से डार्क जोन में कार्यरत शिक्षकों के तबादलों पर रोक लगी हुई है।
ये हैं प्रतिबंधित जिले बीकानेर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, बारां, जालौर, सिरोही, झालावाड़ और प्रतापगढ़। इन दस जिलों में राज्य भर के 11 हजार से अधिक स्थानांतरण की बाट जोह रहे हैं।
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