कोटा के पूर्व महाराव बृजराज सिंह का निधन

कोटा 

कोटा पूर्व महाराव बृजराज सिंह का शनिवार को निधन हो गया। वे 87 साल के थे। उन्होंने कोटा में ही आज अंतिम सांस ली। इसके चलते कोटा राजघराना समेत पूरा संभाग और रियासत शोक में डूब गया।

बृजराज सिंह कोटा के अंतिम शासक महाराव भीम सिंह द्वितीय के इकलौते पुत्र थे। 21 फरवरी 1934 में जन्मे बृजराज सिंह तीन बार झालावाड़ लोकसभा से सांसद चुने गए थे। तीसरी लोकसभा में वो कांग्रेस व चौथी व पांचवी लोकसभा में जनसंघ से सांसद चुने गए। वह 1959 से 1961 तक कॉपरेटिव बैंक के चेयरमैन बोर्ड ऑफ डायरेक्टर रहे हैं। वे पूर्व सांसद इज्यराज सिंह के पिता और भाजपा विधायक कल्पना देवी के ससुर है। उनकी पत्नी उत्तरा देवी हैं।

महाराव बृजराज सिंह ने किए थे दो विवाह
बृजराज सिंह के  दो विवाह हुए थे।  सबसे पहले प्रतापगढ़ राजपरिवार के सदस्य रामसिंह की बेटी महेश्वरी से उनका विवाह 1956 में हुआ था, लेकिन यह ज्यादा नहीं चल पाया।  1963 में उनका मुंबई (बॉम्बे) में तलाक हो गया था।  इसके बाद उन्होंने बिहार के कूचबिहार राजपरिवार के सदस्य इंद्रजीत नारायण की पुत्री उत्तरा देवी के साथ में 1963 में ही दूसरा विवाह किया।  उनकी पहली पत्नी महेश्वरी ने इसके बाद में ही फिल्म अभिनेता कुलभूषण खरबंदा से दूसरा विवाह किया था।  बृजराज सिंह की बेटी भवानी कुमारी का विवाह भी पश्चिमी बंगाल के जयचंद मेहताब के साथ हुआ है।

ओम बिरला ने जताया शोक
बृजराज सिंह के निधन पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने शोक जताते हुए  शिक्षा चिकित्सा एवं मानव कल्याण के क्षेत्र में उनके योगदान को अप्रतिम बताया। बिरला ने कहा है कि कला और इतिहास लेखन और पर्यटन को भी निरंतर महाराव बृजराज सिंह ने प्रोत्साहित किया।  उनके निधन को कोटा सहित राजस्थान के लिए अपूरणीय क्षति हुई है। उनकी स्मृतियां हमेशा जीवंत रहेगी।

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