भरतपुर
जयपुर एसीबी की टीम ने शुक्रवार को भरतपुर में बड़ी कार्रवाई की। उसने राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल कार्यालय ( Rajasthan Pollution Control Board office) में छापा मार कर क्षेत्रीय अधिकारी एच.आर कसाना और जूनियर इंजीनियर राजेश सैनी को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।
जयपुर एसीबी टीम के एडिशनल एसपी नरोत्तम वर्मा ने बताया कि एक परिवादी को एनओसी देने की एवज में क्षेत्रीय अधिकारी एच.आर कसाना ने 35 हजार रुपए और जेईएन राजेश सैनी ने 10 हजार की रिश्वत मांगी थी। परिवादी परिवादी त्रिलोक नाथ शर्मा ने जयपुर कार्यालय में शिकायत दी थी । शिकायत करने के बाद शुक्रवार को जयपुर एसीबी टीम 20 सदस्यीय दल के साथ भरतपुर पहुंची। शिकायत का सत्यापन होने के बाद क्षेत्रीय अधिकारी एच.आर कसाना से 35 हजार रुपए एवं जेईएन राजेश से 10 हजार की राशि जब्त कर ली। दोनों लोगों को रंगे हाथों ट्रैप किया गया है।
चार माह पहले भी कसाना के आफिस से बरामद हुए थे रुपए
आपको बता दें कि कुछ माह पूर्व भी प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी एच.आर कसाना के खिलाफ एसीबी टीम को शिकायत मिली थी। जिसके बाद टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाकर कसाना के ऑफिस और उसके घर की तलाशी ली थी। लेकिन उस समय एच.आर कसाना रंगे हाथों नहीं पकड़ा जा सका था। हालांकि उस समय ऑफिस से 1 लाख रुपए मिले थे।
तब तलाशी के दौरान एचआर कसाना के मोजों से 1 लाख रुपए बरामद किए थे। उनकी दराज से 50 हजार रुपए मिले थे। ACB ने उन पैसे के बारे में पूछा तो एचआर कसाना ने बताया था कि वह पैसे सरसों बेचने पर मिले हैं। जब उनसे व्यापारी का नाम पूछा तो वह न तो व्यापारी का नाम बता पाए और न ही सरसों के बेचने की कोई रसीद दिखा पाए। कसाना के घर से एक ऑडी कार भी बरामद की गई थी। कार की कीमत करीब 80 लाख रुपए बताई गई थी। इस मामले में कसाना को एसीबी ने हिरासत में लेकर आय से अधिक संपत्ति मामले में पूछताछ की थी।
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