नशे से दूरी, जिंदगी से नजदीकी; नदबई में युवाओं को बताए नशामुक्ति के उपाय

राजकीय महाविद्यालय नदबई में नशे के दुष्प्रभावों और नशामुक्ति के उपायों पर व्याख्यान हुआ। कार्यक्रम के अंत में नशा न करने की शपथ दिलाई गई।

नदबई। नशे की लत का असर केवल व्यक्ति की सेहत तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार और पूरे समाज को भी प्रभावित करता है। इसी संदेश के साथ राजकीय महाविद्यालय नदबई में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युवाओं को नशे से दूर रहने और इसकी गिरफ्त में आए लोगों को इससे बाहर निकलने में मदद करने के लिए प्रेरित किया गया।

महाविद्यालय के नशा मुक्ति केंद्र की ओर से आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने नशे के शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक दुष्परिणामों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज बनाने के लिए केवल व्यक्तिगत संकल्प ही नहीं, बल्कि सामूहिक जागरूकता और सहयोग भी जरूरी है।

एक बिस्तर पर पिता-बेटा, दूसरे पर मां-बेटियां… सुबह खुला दरवाजा तो सामने था खौफनाक मंजर

जागरूकता से ही मजबूत होगी नशामुक्ति की मुहिम

कार्यक्रम में राकेश कुमार डागुर, प्रतिज्ञा नशा मुक्ति केंद्र के प्रतिनिधियों और पत्रकार दीपक लवानिया ने नशे के दुष्प्रभावों तथा इससे छुटकारा पाने के उपायों की जानकारी दी। वक्ताओं ने युवाओं से नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके नुकसान के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने नशे की समस्या को व्यक्तिगत दायरे से आगे बढ़कर परिवार और समाज से जुड़ा विषय बताते हुए नशामुक्ति के प्रयासों में सभी की भागीदारी पर जोर दिया।

शिक्षाविदों की मौजूदगी में ली नशा न करने की शपथ

कार्यक्रम में राजकीय महाविद्यालय नदबई की प्राचार्य हर्षिता मीना, राजकीय कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जितेंद्र सिंह, डॉ. मनोज कुमार, ईश्वरी प्रसाद और प्रशान्त चौधरी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नशा मुक्ति केंद्र के प्रभारी डॉ. कुनाल रामचंदानी ने किया। अंत में उपस्थित लोगों ने नशा न करने की शपथ ली। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को स्वस्थ जीवन अपनाने और समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया।

नई हवा खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने  के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।

महाकाल के दर्शन किए, खाटू श्याम पहुंचने से पहले मौत ने घेरा, कोटा में 8 की सांसें थमीं

इंदिरा गांधी के नाम वाली पेंशन योजनाओं का नाम बदलेगी सरकार, अब इस नए नाम से होंगी संचालित | दिव्यांगों की मदद के नियमों में भी बड़ा बदलाव

बैंकों में महाघोटाला: नौकरी किसी और की, बैंक में मलाई काट रहा कोई और! CBI के शिकंजे में फंसे ‘डमी’ चेहरे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *