65 वार्डों में 36 निर्दलीय, भरतपुर नगर निगम चुनाव ने बदला सियासी मिजाज, भाजपा 20 पर सिमटी | कांग्रेस के आंकड़े में भी पेंच

भरतपुर नगर निगम चुनाव 2026 में सभी 65 वार्डों के नतीजे घोषित हो गए। निर्दलीयों ने 36 वार्ड जीते, भाजपा को 20 और कांग्रेस को 7 सीटें बताई गई हैं। वार्डवार नतीजों में कांग्रेस के आंकड़े में अंतर सामने आया।

भरतपुर। भरतपुर नगर निगम चुनाव 2026 के सभी 65 वार्डों के नतीजे सामने आने के बाद जो तस्वीर बनी है, उसने शहर की सियासत में नया संदेश दिया है। इस बार चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं। कुल 65 वार्डों में से 36 पर निर्दलीयों ने कब्जा जमाया है। यानी नगर निगम के आधे से भी ज्यादा वार्डों में मतदाताओं ने भाजपा और कांग्रेस के बजाय निर्दलीय प्रत्याशियों पर भरोसा जताया।

पार्टीवार तस्वीर देखें तो भाजपा 20 वार्डों में जीत के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि कांग्रेस के खाते में 7 वार्ड बताए गए हैं। इसके अलावा बसपा और आरएलपी ने भी एक-एक वार्ड में जीत दर्ज की है।

36 निर्दलीयों की जीत ने बढ़ाया सियासी वजन

65 में से 36 वार्डों में निर्दलीयों की जीत का मतलब है कि नगर निगम में उनका आंकड़ा करीब 55 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह सिर्फ संख्या नहीं है, बल्कि भरतपुर की स्थानीय राजनीति में मतदाताओं के बदले हुए रुझान का संकेत भी है।

भाजपा के 20 और कांग्रेस के 7 पार्षदों के मुकाबले निर्दलीयों की संख्या कहीं अधिक है। ऐसे में नगर निगम के आगामी सियासी समीकरणों में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है।

भाजपा के 20 विजेता

भाजपा की ओर से वार्ड 8 से जीतेंद्र सिंह, वार्ड 12 से सुधा शर्मा, वार्ड 19 से मनोज सिंह, वार्ड 22 से नीतू सिंह, वार्ड 23 से किरन, वार्ड 28 से नीलम, वार्ड 29 से राजवीर, वार्ड 32 से सुलेखा, वार्ड 40 से रीना, वार्ड 41 से योगेश्वरी, वार्ड 42 से रूपेंद्र सिंह, वार्ड 43 से प्रेमपाल, वार्ड 44 से भीम सिंह, वार्ड 50 से लक्ष्मी, वार्ड 51 से सुशील शर्मा, वार्ड 54 से हरेंद्र, वार्ड 57 से देवेंद्र सिंह, वार्ड 58 से निशा अग्रवाल, वार्ड 61 से अनुराधा और वार्ड 62 से जगदीश सिंह ने जीत दर्ज की।

कांग्रेस की 7 सीटों के आंकड़े में वार्डवार सूची से अंतर

कांग्रेस के खाते में 7 वार्डों में जीत दर्ज होने की जानकारी दी गई है। वार्डवार उपलब्ध सूची में वार्ड 5 से गजेन्द्र कुमार, वार्ड 13 से ओमप्रकाश, वार्ड 18 से मीनू, वार्ड 35 से राकेश, वार्ड 49 से योगेश और वार्ड 55 से दयानन्द पचौरी के नाम दर्ज हैं।

हालांकि यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आता है। आधिकारिक पार्टीवार आंकड़ों में कांग्रेस की 7 सीटें बताई गई हैं, लेकिन उपलब्ध वार्डवार सूची में केवल 6 कांग्रेस विजेताओं के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। इसलिए सातवीं कांग्रेस सीट के विजेता का नाम उपलब्ध जानकारी के आधार पर जोड़ना उचित नहीं होगा।

अब नजर निगम की अगली सियासत पर

चुनावी तस्वीर में निर्दलीयों का दबदबा सबसे बड़ा संदेश है। 36 निर्दलीय पार्षदों के साथ नगर निगम में अब राजनीतिक दलों के लिए चुनौती केवल विपक्ष से मुकाबले की नहीं, बल्कि निर्दलीय पार्षदों के प्रभाव को समझने और अपने साथ जोड़ने की भी होगी।

भरतपुर के 65 वार्डों का जनादेश साफ है—इस बार शहर ने राजनीतिक दलों से ज्यादा स्थानीय चेहरों को मौका दिया है। अब यही 36 निर्दलीय पार्षद नगर निगम की आगे की सियासत में कितनी बड़ी भूमिका निभाते हैं, इस पर सबकी नजर रहेगी।

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