राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती 2025 (लेवल-1) में नियुक्ति पत्र जारी करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। 14 विवादित प्रश्नों और मेरिट विवाद को लेकर कोर्ट में सुनवाई जारी है। जानिए पूरा मामला।
जयपुर। राजस्थान में हजारों अभ्यर्थियों को जिस नियुक्ति पत्र का इंतजार था, उस पर फिलहाल कानूनी ब्रेक लग गया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती-2025 (लेवल-1) में नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। वजह है भर्ती परीक्षा के प्रश्नों को लेकर उठा विवाद, जिसने अब अदालत का दरवाजा खटखटा दिया है।
न्यायमूर्ति गणेश राम मीना की एकलपीठ ने अभ्यर्थी महेंद्र कुमार रैगर और अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश दिया। अदालत ने माना कि जब परीक्षा से जुड़े विवाद न्यायिक विचाराधीन हैं, तब नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ने से स्थिति और जटिल हो सकती है।
आखिर विवाद है किस बात का?
पूरा मामला भर्ती परीक्षा के प्रश्नों और उत्तर कुंजी से जुड़ा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा में 14 प्रश्न गंभीर विवाद के दायरे में हैं। इनमें से 11 प्रश्न बोर्ड पहले ही हटा चुका है, जबकि 3 प्रश्नों के उत्तर बदले गए हैं। इसके बावजूद कई उत्तरों पर अभ्यर्थियों की आपत्तियां अब भी बनी हुई हैं।
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि यदि इन प्रश्नों का अंतिम निपटारा हुए बिना नियुक्तियां कर दी गईं तो मेरिट सूची और चयन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
कोर्ट में क्या दलील दी गई?
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि यदि अभी नियुक्ति पत्र जारी हो गए तो चयनित अभ्यर्थियों के पक्ष में थर्ड पार्टी राइट (तीसरे पक्ष का अधिकार) बन जाएगा। इसके बाद यदि अदालत प्रश्नों या परिणाम में बदलाव करती है तो पूरी प्रक्रिया और अधिक उलझ सकती है।
इसी आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की गई, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
रिजल्ट आया, लेकिन बढ़ गया विवाद
हाल ही में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने इस भर्ती का परिणाम घोषित किया था। परिणाम जारी होने के साथ ही प्रश्नों को लेकर असंतोष और तेज हो गया।
भर्ती परीक्षा 17 से 20 जनवरी के बीच आयोजित हुई थी, जिसमें करीब 7 हजार पदों पर चयन होना था। अभ्यर्थियों से प्राप्त आपत्तियों के बाद बोर्ड ने 11 प्रश्न हटाए और 3 उत्तरों में संशोधन किया, लेकिन कई उम्मीदवारों का कहना है कि अभी भी उत्तर कुंजी में गंभीर त्रुटियां बनी हुई हैं।
अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी मांग
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि हाल के वर्षों में कई भर्ती परीक्षाओं में प्रश्न हटाने और उत्तर बदलने की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। इससे कटऑफ, मेरिट सूची और अंतिम चयन सीधे प्रभावित होते हैं।
उनकी मांग है कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों और समितियों की जवाबदेही तय की जाए ताकि भविष्य में भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल न उठें।
अब आगे क्या होगा?
हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल शिक्षक भर्ती-2025 (लेवल-1) के नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए जा सकेंगे। अब सभी की नजर अगली सुनवाई पर रहेगी, जहां अदालत विवादित प्रश्नों और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कानूनी पक्षों पर विस्तार से विचार करेगी।
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