लखनऊ
उत्तर प्रदेश में माध्यमिक, उच्च, प्राविधिक और व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में सोमवार से कक्षाएं प्रारंभ होने के बाद अब अगले चरण में छठवीं से आठवीं और पहली से पांचवीं तक के स्टूडेंट्स के लिए स्कूल खोले जाएंगे। सोमवार को कोविड-19 प्रबंधन के लिए बनी टीम-9 की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके आदेश दिए।
23 अगस्त से छठवीं से आठवीं तक और एक सितंबर से पहली से पांचवीं तक के स्कूल खोलने के CM योगी ने निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अफसरों को इसके लिए डीटेल्ड गाइडलाइन बनाने के लिए भी कहा है।
मुख्यमंत्री योगी ने बैठक में कहा कि सतत प्रयासों से कोरोना की दूसरी लहर पर बने प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ जनजीवन तेजी से सामान्य हो रहा है। आज प्रदेश के 17 जनपदों (अलीगढ़, अमेठी, बलिया, बांदा, बहराइच, बिजनौर, चित्रकूट, देवरिया, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, हरदोई, हाथरस, कासगंज, कौशाम्बी, महोबा, संतकबीरनगर और शामली) में कोविड का एक भी मरीज शेष नहीं है। यह जिले अब संक्रमण से मुक्त हैं। औसतन हर दिन ढाई लाख से अधिक टेस्ट हो रहें हैं, जबकि पॉजिटिविटी दर 0.01 बनी हुई है और रिकवरी दर 98.6 फीसदी है।
इस बीच पांच महीने बाद सोमवार से उत्तर प्रदेश के स्कूल-कॉलेज खुल गए। 50% की क्षमता के साथ 9-12वीं तक के स्कूल और हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूटस खुल गए हैं। लखनऊ में टीचर्स ने स्कूल स्टूडेंट्स का चंदन लगाकर स्वागत किया।आगरा में बच्चों के लिए तालियां बजाई गईं। एंट्री गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग हुई।
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स्टूडेंट्स के हाथ सैनिटाइज कराए गए। सभी को मास्क पहनने के लिए पहले ही आदेश दे दिया गया था। कोविड के चलते अभी स्कूल संचालकों ने बस सर्विस नहीं शुरू की है। इसलिए स्टूडेंट्स अपने पेरेंट्स या फिर खुद साइकिल चलाकर स्कूल पहुंचे। लंबी छुट्टी के बाद पहले दिन स्कूल पहुंचे स्टूडेंट्स काफी खुश नजर आए।
दो शिफ्ट में होगी पढ़ाई
कई स्कूलों में दो-दो शिफ्ट में पढ़ाई होगी, जबकि कुछ स्कूलों ने इससे इंकार कर दिया है। पहली शिफ्ट सुबह 8 बजे से 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट 12:30 से 4:30 बजे तक चलेगी। इससे पहले एक मार्च से भी स्कूल खोले गए थे। हालांकि, कोविड-19 की दूसरी लहर के चलते 18 मार्च को ही सारे स्कूल बंद करने पड़ गए थे। अब तीसरी लहर की आशंका के बीच फिर से स्कूल खोले जा रहे हैं।
कोविड-19 प्रोटोकॉल का ख्याल रखना होगा
हर शिफ्ट में केवल 50-50% स्टूडेंट्स को ही स्कूल आने की अनुमति होगी। कॉलेजों में हैंडवाश, सैनिटाइजर का इंतजाम स्कूल प्रशासन को करना होगा। एंट्री गेट पर स्टूडेंट्स, स्टाफ और टीचर्स की थर्मलस्कैनिंग होगी। पल्स ऑक्सीमीटर से भी जांच की जाएगी। सभी शिक्षक, कर्मचारी और स्टूडेंट्स को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। बगैर लक्षण वाले स्टूडेंट्स और स्टाफ को ही स्कूल आने की अनुमति होगी।
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