जयपुर के खो नागोरियान इलाके में मकान के अंदर चल रही पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लगने से 4 लोगों की मौत और 5 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। दमकल, पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटीं।
जयपुर। सुबह का वक्त था। लोग अपने रोजमर्रा के कामों में जुट रहे थे, तभी राजधानी जयपुर के खो नागोरियान इलाके में अचानक ऐसा मंजर बना जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। एक मकान के भीतर चल रही पटाखा फैक्ट्री से अचानक आग की लपटें उठीं और देखते ही देखते पूरा परिसर आग और धुएं के भयानक गुबार में बदल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर काम कर रहे मजदूरों को संभलने या बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका। कुछ ही पलों में पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाकों जैसी आवाजों और आसमान में उठते काले धुएं ने लोगों को घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया।
आयशा नगर के तलाई क्षेत्र में घनी आबादी के बीच संचालित इस फैक्ट्री में हुए हादसे में 4 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक देखते हुए कई को सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल रेफर किया गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार उपचार में जुटी हुई है।
आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुरुआती दौर में बचाव दल के लिए परिसर के भीतर प्रवेश करना भी मुश्किल हो गया। लगातार उठ रहे धुएं और भीतर मौजूद ज्वलनशील सामग्री के कारण हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने रहे।
इस बीच पुलिस, स्थानीय युवाओं और राहत दलों ने मिलकर फैक्ट्री के पिछले हिस्से की दीवारों को तोड़ने का प्रयास किया ताकि अंदर फंसे लोगों तक पहुंचा जा सके। कई घंटों तक चले इस संघर्ष में हर संभव कोशिश की गई कि कोई और जान न जाए।
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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दमकल की गाड़ियां लगातार आग पर काबू पाने में जुटी रहीं ताकि लपटें आसपास के मकानों तक न फैल सकें। इलाके में सुरक्षा घेरा बनाकर लोगों को दूर रखा गया।
जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक, एडीएम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात की निगरानी की। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घर के भीतर रखे किसी ज्वलनशील पदार्थ ने आग पकड़ ली, जिसके बाद पूरा हादसा कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले गया।
प्रशासन का कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी तरह समाप्त होने के बाद ही मृतकों और घायलों का आधिकारिक आंकड़ा जारी किया जाएगा। फिलहाल पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर घनी आबादी के बीच ऐसी फैक्ट्री कैसे संचालित हो रही थी।
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