भरतपुर के नदबई स्थित श्री शांति ऑयल मिल में तड़के भीषण आग लगने से डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ। शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने सरसों तेल, मशीनरी और पूरी मिल को राख में बदल दिया।
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नदबई (भरतपुर)
भरतपुर जिले के नदबई में सोमवार तड़के ऐसा अग्निकांड हुआ, जिसने कुछ ही मिनटों में करोड़ों की मेहनत को राख के ढेर में बदल दिया। डेहरा रोड स्थित श्री शांति ऑयल मिल में सुबह करीब 4 बजे अचानक उठी चिंगारी ने ऐसा विकराल रूप लिया कि पूरी मिल धधकती आग के समंदर में बदल गई।
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बताया जा रहा है कि आग की शुरुआत ऑयल फिल्टर सेक्शन में शॉर्ट सर्किट से हुई। लेकिन मिल के भीतर भारी मात्रा में मौजूद सरसों का तेल, सूखी खल और ज्वलनशील सामग्री ने आग को ऐसा ईंधन दिया कि कुछ ही पलों में लपटें पूरी फैक्ट्री पर टूट पड़ीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि कर्मचारियों को अपनी जान बचाकर बाहर भागने का भी मुश्किल से मौका मिला। देखते ही देखते दो बड़े ऑयल फिल्टर धू-धू कर जल उठे और नीचे रखे तेल के टैंक भी आग की चपेट में आ गए।
आसमान में उठता काले धुएं का विशाल गुबार कई किलोमीटर दूर तक दिखाई देता रहा। मिल के अंदर रखे तैयार सरसों तेल के ड्रम, लाखों रुपये की मशीनें और भारी-भरकम उपकरण आग में ऐसे समाए कि कुछ ही देर में पूरा ढांचा खंडहर बन गया। शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस भीषण हादसे में डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
सूचना मिलते ही नदबई और भरतपुर से दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने घंटों तक आग की दीवारों से लड़ाई लड़ी। कई बार हालात इतने खतरनाक हो गए कि अंदर घुसना भी मुश्किल हो गया, लेकिन टीम ने जोखिम उठाकर आग को प्लांट के दूसरे हिस्सों तक फैलने से रोक लिया। इससे एक और बड़ा विस्फोटक हादसा टल गया।
मिल प्रबंधन ने राहत की बात यह बताई कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पूरी मशीनरी और उत्पादन सामग्री लगभग तबाह हो चुकी है। आग के असली कारणों की जांच जारी है, हालांकि शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट की बताई जा रही है।
घटना के बाद व्यापारियों में बिजली विभाग को लेकर भारी गुस्सा है। व्यापारिक संगठनों का आरोप है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी औद्योगिक इलाकों में बिजली लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों के रखरखाव में लगातार लापरवाही बरती जा रही है। गर्मियों में हाई वोल्टेज फ्लक्चुएशन के कारण इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन चेतावनी के बावजूद कोई ठोस इंतजाम नहीं किए जाते।
व्यापारियों ने मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma से पीड़ित मिल संचालक को उचित मुआवजा देने और राज्य के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य करने की मांग की है।
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